ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है, OS की Full जानकारी हिन्दी में

operating system kiya hain in hindi
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Introduction of Operating system

 

Operating System की पूरी जानकारी उपलब्ध करवाई हैं. आपने साथ ही जाना हैं ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार, OS क्या काम करता है, कितने भागो में विभाजित किया जाता है|

introduction of operating system, ऑपरेटिंग सिस्टम

हम भारत देश में रहते हैं, इसके Rules and regulations को फॉलो करते हैं। अगर कोई इनको तोड़ता है तो सिस्टम फेल हो जाता है। यह नियम कानून बनाने के लिए हमारे देश में न्यायपालिका और संसद होती है और यह सब मिलकर सिस्टम को चलाते हैं।

ठीक इसी तरह computer भी Rules and regulations पर वर्क करता है। और यह बनाते हैं programmer जो पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर होते हैं। यह इंसानों की जरूरत के हिसाब से इन Rules को बनाते और Modified करते हैं।

Rules and regulations एक Set of Instruction है जो कि कंप्यूटर को यह बताता है कि तुम्हें क्या करना है? और कैसे करना है?

इनको Program कहा जाता है और कई सारे प्रोग्राम से मिलकर Operating System बनता है.

एक यूजर को अगर कोई प्रोग्राम बनाना है तो वह सिंपल टेक्स्ट एडिटर है जैसे Notepad में High Level Language में बना सकता है। यह language C, C++, Java etc. हो सकती है।

अगर अभी तक अपने हमारी पोस्ट सॉफ्टवेयर क्या है और कैसे बना सकते है को नहीं पढ़ा है तो पढ़ लीजिये|

आइए अब हम अपनी पोस्ट स्टार्ट करते है.

ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है ( What is the Operating System )

ऑपरेटिंग सिस्टम operating system kiyaa hain

In English – Operating system is a program that controls the execution of an application program and acts as interface between the user and computer hardware.

हिंदी में – ऑपरेटिंग सिस्टम प्रोग्रामो का वह समूह है जो Application सॉफ्टवेयरों को कंट्रोल करने और चलाने में मदद करता है। साथ ही यह यूजर और कंप्यूटर के बीच Interface करवाता है।

जिससे यूजर को कंप्यूटर चलाने में कोई परेशानी ना हो।

Examples of OS

Windows 7, 8.1, 10, XP

Mac OS X 10.12

Linux os for pc

Windows 8

Mac OS X 10.11

Macc OS X 10.10

 

ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार (Types of Operating System in Hindi)

ऑपरेटिंग सिस्टम, operating system k prakar in hindi

ऑपरेटिंग सिस्टम को निम्नलिखित रूप में वर्गीकृत किया गया है:

ऑपरेटिंग सिस्टम दो प्रकार के होते है: नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्टम (NOS) और स्टैंडअलोन डेस्कटॉप ऑपरेटिंग सिस्टम यानी क्लाइंट ऑपरेटिंग सिस्टम। उदाहरण के लिए —

Windows Server 2012

Windows Server 2008

Windows Server 2003

Unix

Linux

NetWare

Windows 10

Windows 8/8.1

Windows 7

Windows XP Professional

Windows 2000 Professional

Windows 95/98

MS-DOS

उपभोक्ताओं की संख्या के आधार पर ऑपरेटिंग सिस्टम को दो भागो मे विभाजित किया जाता है:-

एकल उपयोगकर्ता (Single User Operating System): यह ऑपरेटिंग सिस्टम का एक प्रकार है जो एक समय में केवल एक उपयोगकर्ता को ही एक्सेस करने की अनुमति देता है।

पर्सनल कंप्यूटर (PC) के लिए इस्तेमाल होना वाला ऑपरेटिंग सिस्टम एकल उपयोगकर्ता ओएस है जो एक समय में एक कार्य का प्रबंधन करने के लिए डिज़ाइन किए गए होते हैं।

उदाहरण: एमएस-डॉस, विंडोज 3 एक्स, विंडोज 95/97/98 आदि।

बहुल उपयोगकर्ता (Multi User Operating System): यह ऑपरेटिंग सिस्टम एक साथ कई उपयोगकर्ताओं को एक कंप्यूटर सिस्टम को एक साथ एक्सेस करने की अनुमति देता है।

यह कंप्यूटर नेटवर्क में प्रयोग किया जाता है जो एक ही समय में एक ही डेटा और एप्लीकेशन्स को एकाधिक उपयोगकर्ताओं द्वारा एक्सेस करने की अनुमति देता है।

उदाहरण: विंडोज़ 10, लिनक्स आधारित ओएस, मैक ओएस, उबंटू, यूनिक्स आदि।

काम करने के मोड के आधार इन्हें निम्नलिखित भागो मे वर्गीकृत किया जाता है:-

कमांड लाइन इंटरफेस (Command Line Interface): यह करैक्टर यूजर इंटरफेस (CUI) के रूप में भी जाना जाता है, सीयूआई एक इंटरफ़ेस है जिसके द्वारा हम कंप्यूटर सिस्टम से टाइपिंग के द्वारा इंटरैक्ट करने का एक तंत्र होता है।

विशिष्ट कार्य करने के लिए उपयोगकर्ता के द्वारा कमांड्स का इस्तेमाल किया जाता है, इन कमांड्स के द्वारा स्वचालित रूप से काम करना आसान हो जाता हैं।

सीएलआई केवल टेक्स्ट टाइप्स का उपयोग करता है इन कमांड्स का इस्तेमाल हम एमएस-डॉस में करते है।

ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (Graphical User Interface): यह एक कंप्यूटर प्रोग्राम है जो किसी व्यक्ति को प्रतीकों, विसुअल्स और पॉइंटिंग उपकरणों के इस्तेमाल से कंप्यूटर के साथ संचार करने में सक्षम बनाता है।

पहला ग्राफिकल यूजर इंटरफेस 1970 के दशक में ज़ेरॉक्स कार्पोरेशन द्वारा डिजाइन किया गया था।

हम रोजाना ग्राफिकल यूजर इंटरफेस वाले उपकरणों का इस्तेमाल करते है, जैसे कि एमपी 3 प्लेयर, पोर्टेबल मीडिया प्लेयर, गेमिंग डिवाइसेज़, आदि में पाई जा सकती हैं।

ऑपरेटिंग सिस्टम क्या काम करता है ? Job of an Operating System

 

वैसे तो ऑपरेटिंग सिस्टम का कंप्यूटर के सारे काम करता है हम यहाँ 6 कामो को ही बतायेगे जो सबसे important है –

Program Execution 

इंसान बहुत मतलबी है यह कंप्यूटर के पास आता ही किसी ना किसी काम को पूरा करने के लिए।

हमारे ढेर सारे काम के लिए हम अलग अलग सॉफ्टवेयर से करते है।

इनको चलाने में मदद करता है Operating System. यह इन software को ऐसा एनवायरनमेंट देता है जिससे बहुत सारे प्रोग्राम एक समय में execute हो सके इसे Multitasking कहा जाता है।

Input Output Operations

अगर हम Computer से कुछ पूछे तब हमारी प्रॉब्लम सॉल्व करता है ।

इसे इनपुट डिवाइसेस से किया जाता है। जब हम कोई इनपुट करते हैं तो कंप्यूटर उसे प्रोसेस कर हमें जल्द आउटपुट देता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम इनपुट आउटपुट ऑपरेशन को मैसेज करता है।

File Management

कंप्यूटर में ढेरों फाइल और फोल्डर रोज बनते हैं इन सभी को बनाने और डिलीट करने का काम ऑपरेटिंग सिस्टम करता है और पुराने फाइल्स का बैकअप भी लेता है।

अगर कोई फाइल गलती से Delete हो जाए तो उसे Restore भी करता है।

Memory Management

कंप्यूटर में दो तरह की Memory होती है Primary और Secondary. इनका यूज़ भी अलग अलग होता है।

जिनमें प्राइमरी मेमोरी कंप्यूटर की स्पीड को बढ़ाती है और सेकेंडरी मेमोरी कंप्यूटर की फाइल और डेटा को सुरक्षित रखती हैं।

इन दोनों को मैनेज करने का काम भी ऑपरेटिंग सिस्टम करता है।

Communication

कंप्यूटर के अंदर डाटा के संचार को ऑपरेटिंग सिस्टम manage करता है। कंप्यूटर 0 और 1 की भाषा को ही समझ पाता है।

प्रोग्राम ऐसे बने होते हैं जो कंप्यूटर को उसकी भाषा में चलाएं।

ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर के इंस्ट्रक्शन Communicate करता है।

Error Detection

जब कोई ऐसा प्रोग्राम कंप्यूटर में आ जाये, जो कंप्यूटर की गति और ऑपरेटिंग सिस्टम की कोडिंग को बिगाड़ने का काम करें तो उसमें Error आ जाती है और कंप्यूटर मैसेज देता है।

ऐसे प्रोग्राम को वायरस कहा जाता है. ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर में किसी भी तरह की खराबी को ढूंढता है और ठीक करता है.

अगर वह उसे ठीक नहीं कर सके तो यूजर को इंफॉर्मेशन देता है.

Operating System के कुछ प्रमुख कार्य

 

01. Operating System कम्प्युटर को ठीक प्रकार से उपयोग करने लायक सरल बनाता है.

02. Operating System उपयोगकर्ता से Hardware की भारी भरकम सूचनाओं को उपयोगकर्ता से छिपा लेता है, इसलिए उपयोगकर्ता का ढेर सारी सूचनाओं से सामना नही होता है.

03. Operating System उपयोगकर्ता को एक सरल माध्यम उपलब्ध कराता है इसलिए वह कम्प्युटर पर आसानी से कार्य कर पाता है.

04. Operating System उपयोगकर्ता एवं Hardware के बीच मध्यस्थ का कार्य करता है, ताकि उपयोगकर्ता कम्प्युटर और उसके संसाधनों का उपयोग सरलता से कर सके.

05. कम्प्युटर और इसके संसाधनों का प्रबंधन करना Operating System का एक जरूरी कार्य है.

ऑपरेटिंग सिस्टम की विशेषताएँ

 

01. Primary Memory को Track करता है. जैसे, कहाँ इस्तेमाल हो रही है? कितनी मैमोरी इस्तेमाल हो रही है? और मांगने पर मैमोरी उपलब्ध करवाता है.

02. Processor का ध्यान रखता है अर्थात Manage करता हैं.

03. कम्प्युटर से जुडे हुए सभी डिवाईसों को मैंनेज करता हैं.

04. कमप्युटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों को मैंनेज करता हैं.

05. पासवर्ड तथा अन्य तकनीकों के माध्यम से सुरक्षा प्रदान करता हैं.

06. कम्प्युटर द्वारा किये जाने वाले कार्यों का ध्यान रखता है और उनका रिकॉर्ड रखता हैं.

07. Errors और खतरों से अवगत कराता हैं.

08. User और Computer Programs के बीच समन्वय बनाता हैं.

Conslusion

मै आशा करता हु की आपको हमारा What is Operating system पर ये पोस्ट काफी पसंद आया होगा।

ऑपरेटिंग सिस्टम operating system kiya hain, operating system k prakar

हमने आपको Operating System की पूरी जानकारी उपलब्ध करवाई हैं. आपने साथ ही जाना हैं ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार, ऑपरेटिंग सिस्टम क्या काम करता है, कितने भागो में विभाजित किया जाता है, हमे उम्मीद है कि यह पोस्ट आपके लिए उपयोगी साबित होगा.

अगर आपको यह पोस्ट अच्छा लगा हो तो इसे जरुर अपने दोस्तों के साथ शेयर करे। हमने कोशिस किया है की (What is Operating System in Hindi)  आपको आसन और विस्तृत रूप में वर्णन कर सके। अगर आपको कोई भी उलझन हो तो निचे कमेंट करे।

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