Monitor क्या है मॉनिटर की पूरी जानकारी हिन्दी में

monitor kiya hain, monitor ki puri jaankari hindi me
0/5 No votes
Developer
--
--

Report this app

Description

मॉनिटर क्या है मॉनिटर की पूरी जानकारी हिन्दी में

यह पोस्ट आपके लिए खास होने वाली है इसमें हम जानेंगे कि मॉनिटर क्या है और मॉनिटर के प्रकार क्या है, आपके लिए बेस्ट मॉनिटर कोन सा है और आपको कोन सा मॉनिटर खरीदना चाईए बहुत अच्छे से बताया गया हैं.

आज का समय बहुत एडवांस हो चुका है, हमने ये देखा होगा जब भी लोग Monitor शब्द सुनते है, तो वे Television और computer display के बीच difference को नही समझ पाते है. इसका एक कारण भी है, कि कई LED व LCD Tv का use हम अपनी PC की screen के रूप में कर सकते है.

इस पोस्ट में आगे आप विस्तार से Computer Monitor के बारे में जानेगें. कीबोर्ड की पूरी जानकारी हिन्दी में

आइए अब हम पोस्ट स्टार्ट करते है.

मॉनिटर क्या है?

मॉनिटर एक प्रकार की आउटपुट डिवाइस है मॉनिटर को विजुअल डिस्प्ले यूनिट भी कहा जाता है, देखने में आपके टीवी की तरह होता है, लेकिन कंप्यूटर के लिये बहुत महत्वपूर्ण और

जरूरी होता है इसके बिना आप कंम्यूटर पर काम ही नहीं कर पायेगे.

Computer मॉनिटर एक इलेक्ट्रॉनिक device होता है जिसे Visual Display Unit भी बोलते हैं, इसमें एक screen, circuit सिस्टम power supply, screen setting के लिए buttons और एक casing होता है जिसके अंदर पूरा circuit इनस्टॉल किया हुआ होता है.

मॉनिटर को आउटपुट डिवाइस भी बोला जाता है क्यों की ये सारी जानकारी कंप्यूटर स्क्रीन में दिखाता है. मॉनिटर सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट से जुड़ा होता है जो यूजर के हर मूवमेंट को स्क्रीन पर उसी वक़्त दिखाता है जिस वक़्त काम किया जाता है.

मॉनिटर का फुल फॉर्म क्या है?

full form of monitor

क्या आप जानना चाहेंगे कि मॉनिटर का फुल फॉर्म क्या है आइए अब हम इसके बारे में जानते है:

M – Machine

O – Output

N – Number of

I – Information

T – To

O – Organize

R –  Report

मॉनिटर का इतिहास क्या है:

कैथोड रे मॉनिटर का आविष्कार कार्ल फर्डीनांड ब्राउन (Karl Ferdinand Braun) ने किया था. इस का आविष्कार उन्होंने सं 1897 ईस्वीं में किया था जब उन्होंने पहली बार कैथोड रे ट्यूब की रचना की थी. वो एक जर्मन वैज्ञानिक थे.

कुछ ही सालों में टेक्नोलॉजी और विकसित हुई और पर्सनल कंप्यूटर का निर्माण किया गया जो built-in टर्मिनल्स से बने हुए थे.

ये डिवाइस कम्पोजिट वीडियो को सस्ते CCTV मॉनिटर में आउटपुट कर सकते थे. 1976 में Apple कंपनी से ऐसे Monitor को लोगों के सामने लाया जिसमे गेम कंसोल को सीधे कंप्यूटर और टीवी से जोडने के लायक बनता है.

CRT वजन में भारी हुआ करता था और साथ ही बहुत अधिक एनर्जी की भी खपत करता था. इस की तुलना में LCD में कम ऊर्जा का इस्तेमाल होता और साइज भी कम हो गया.

2007 में LCD ने CRT की जगह ले ली और बाजार में छा गया. ये उसी साल नहीं बनाया गया बल्कि उसको बनाने का काम 1980 से ही चल रहा था।  हालाँकि उस वक़्त LCD काफी महंगे हुए करते थे और परफॉरमेंस भी अच्छी नहीं थी.

आज 2020 मे टेक्नोलोजी बहुत एडवांस हो चुकी है,वर्तमान समय में हम LCD, LED और Projector और स्मार्ट कंप्यूटर का इस्तेमाल करते है.

मॉनिटर कैसे काम करता है?

मॉनिटर एक विसुअल आउटपुट डिवाइस है जो कंप्यूटर का बहुत ही महत्वपूर्ण भाग है. ये पिक्चर, इमेज और लिखे हुए शब्दों को रियल टाइम में हमे दिखाता है.

जिसकी सहायता से एक यूजर कंप्यूटर के साथ interact कर पाता है और अपनी मर्जी से किसी एप्लीकेशन को खोल पता है और उस पर काम कर पाता है.

में एक video graphic card लगा होता है. यही graphic card information को convert कर के visual के रूप में इस डिवाइस में दिखाता है.

जब भी कोई डाटा हम इनपुट डिवाइस की मदद से इनपुट करते हैं वो CPU में जाता है और वहां से process हो जाने के बाद उसे output device यानि मॉनिटर में display करने के लिए CPU भेज देता है.

मॉनिटर की विशेषता

आज आप नए बाजार से घिरे हुए हैं जहाँ अक्सर मॉनिटर से जुड़े नए शब्द LCD, OLED, TN, IPS इत्यादि सुनते रहते होंगे. लेकिन आज लोग आपसे ये जरूर पूछते होंगे की आपके घर में मॉनिटर कितने साइज का है. तो क्या आपका डिवाइस भी 1080 resolution का है और आपको 4K या 5K डिस्प्ले की जरुरत है?

क्या आप dual मॉनिटर सेटअप करना चाहते हैं. इस तरह की कई विशेषताओं के आधार पर ही लोग अपने डिवाइस का चुनाव करते हैं. तो चलिए देख लेते हैं इस की कुछ ख़ास विशेषताएं.

Monitor Size

बड़ा है तो बेहतर है ये तो आपने जरूर सुना होगा. अब काफी अच्छे क्वालिटी के display Full HD (1920 * 1280) आकर में आते हैं. वो वक़्त तेज़ी से पीछे छूट रहा है जब लोग 15 इंच के डिस्प्ले में काम किया करते थे. इसकी जगह बड़े आकर के Display का प्रयोग होना शुरू हो चूका है.

Display resolution

डिस्प्ले आकार बढ़ने के साथ जो सबसे महत्वपूर्ण फीचर ये है की पिक्चर क्वालिटी अच्छी होनी इसके लिए अब 4K range के डिवाइस बाज़ार में तेज़ी से छाने लगे हैं. 27 इंच का 16:9 4K Ultra HD डिस्प्ले इस्तेमाल हो रहे हैं.

Panel type, Viewing Angles

अगर हम डिस्प्ले की बात करें तो Panel type कई तरह के होते हैं.  TN-Twisted nematic, IPS- In-Plane Switching, MVA-Multi-domain vertical arrangement, PVA- Patterned vertical arrangement, SPVA- Super PVA काफी फेमस है.

कुछ डिस्प्ले ऐसे होते हैं जिनके viewing angle बहुत कम 90/60 डिग्री होता है और कुछ के अधिक 170/170 डिग्री होते हैं.

Aspect ratio

आज से कुछ समय पहले तक 4:3 का aspect ratio इस्तेमाल होता था लेकिन अब वो दिन गए आजकल ऐसे डिस्प्ले कोई भी पसंद नहीं करता.  16:9 aspect ratio वाले मॉनिटर सबसे आरामदायक होते हैं जिस पर काम करने भी काफी मज़ा आता है.

एक अच्छा मॉनिटर कैसे चुने:-

एक better monitor को choose करने के लिए सबसे पहले आपको ये देखना होगा कि आपके computer use करने का reason क्या है. यानी कि आप कंप्यूटर किस लिये उपयोग करते है.

नीचे कुछ विभिन्न प्रकार के Monitor है. जिन्हें आप अपनी जरुरत के हिसाब से चुन सकते है.

General Use के लिए

अगर आप Home या office work के लिए computer का use करते है, तो आप एक general use monitor ले सकते है.

अब क्योंकि आप अपने computer का इस्तेमाल browsing करने या कुछ basic computer program को run करने लिए कर रहे है. तो

इस तरह के operation में high graphics processing की आवश्यकता नही होती है. low price के सभी monitor इसी category में आते है.

Professionals के लिए

यदि आप graphic design या video editing के field में है, तो आपको एक अच्छे monitor की तलाश करनी चाहिये.

क्योंकि यदि आप एक सस्ती डिस्प्ले का उपयोग करेंगे तो ये आपके काम को खराब कर सकता है. इसलिए आपको एक ऐसी स्क्रीन की आवश्यकता है, जो आपकी जरूरत को पूरा कर सके.

Gamers के लिए

एक gamer के लिए दो चीजें सबसे महत्वपूर्ण होती है. जिसमे graphics card और Monitor शामिल है.

High graphics वाले games को खेलने के लिए आपके monitor का refresh rate और response time better होना चाहिए. यदि आपके computer की जरूरत एक gamers की है, तो आपको इस हिसाब से अपने Monitor का चयन करना चाहिए.

 

मॉनिटर के प्रकार – Types of Monitor in Hindi

types of monitor in hindi

कुछ विभिन्न प्रकार के मॉनिटर निम्नलिखित है:

CRT Monitor: सबसे पहले उपयोग होने वाले video display में CRT (cathode ray tube) का नाम आता है. ये picture को Black & White में दिखाते थे.

इन monitor के साथ एक fluorescent screen पर image को बनाने के लिए high energy electrons की एक stream अर्थात धारा का use किया जाता था.

ये cathod ray tube बिल्कुल vacuum tube की तरह होती है, जिसके एक side में electron gun और दूसरे side में एक fluorescent screen लगी होती है.

आज के समय मे ये rarely available होते है परन्तु पहले सबसे अधिक इनका ही उपयोग किया जाता था.

Mouse की A to Z जानकारी हिंदी में

LCD Monitor: आजकल की display technology में LCD यानी liquid crystal display का इस्तेमाल सबसे अधिक होता है.

इन monitor को liquid और solid matter के combination से बनाया जाता है. एक image को screen पर produce करने के लिये LCD एक liquid crystal को उपयोग में लेती है.

देखने मे LCD बहुत thin और light होती है. यही वह तकनीक थी जिसने Cathode ray tube को replace किया था.

आमतौर पर इन screens में color या monochrome pixels की एक layer होती है, जो transparent electrodes के एक जोड़े और दो polarizing filters के बीच व्यवस्थित होती है.

Plasma Monitor: ये एक flat panel display है, जो image create करने के लिए charged gases के small cells को use में लेते है.

ये plasma cells खुद की अपनी illumination अर्थात रोशनी बनाते है, जिससे separate backlighting की आवश्यकता नही होती है.

plasma monitor एक LCD monitor के compare में heavy होता है. ये image की brightness और contrast को बेहतरीन तरीके से balance कर पाता है. यही इसका सबसे बड़ा benefit भी है.

आमतौर पर इनका use large TV displays के रूप में होता है. ये लगभग 30 inches या इससे अधिक size की होती है.

LED Monitor: ये आज की सबसे नई तकनीक है या इसे हम LCDs monitor का upgrade version भी कह सकते है. दिखने में ये एक flat-panel और थोड़ा सा slightly curved display होती है.

इनमे back-lighting के लिए light-emitting diodes का उपयोग किया जाता है. LED और LCD के बीच सिर्फ backlighting का difference होता है.

इनका एक benefit ये है, कि LED Monitor एक high contrast वाली images produce करते है. दूसरे monitor की तुलना में अधिक टिकाऊ होते है और साथ कि low heat पैदा करते है.

Touchscreen Monitor: इस प्रकार के monitor ऐसे ही काम करते है जैसे एक digital smartphone करता है. यानी कि इसके features को use करने के लिए बस आपको screen में touch करना होता है.

आज के समय industry devices में इनकी popularity तेजी से बढ़ रही है. ATMs में भी इसी प्रकार के monitor का उपयोग होता है.

अब जैसे ही modern technology की मांग बढ़ती जा रही laptop और PC में भी touchscreen display technology को बढ़ावा मिल रहा है.

OLED Monitor: OLED का मतलब है organic light-emitting diode. ये एक high display technology है. जिसकी picture quality काफी better होती है.

ये LCD और plasma display की तुलना में different screen technology का use करता है.

इसमे colors create करने के लिए carbon और अन्य ingredients जैसे organic compounds का इस्तेमाल होता है.

अब क्योंकि इसे backlighting की requirement नही होती है. इसीलिये OLED को emissive technology माना जाता है. हालांकि ये अभी तक बाजार में उतनी आम नही है.

आज 2020 मे टेक्नोलोजी बहुत एडवांस हो चुकी है,वर्तमान समय में हम LCD,LED और Projector और स्मार्ट कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जा रहा है.

Television और Monitor में अंतर

अक्सर लोग HDTV को एक computer screen के रूप में use करते है. लेकिन ये दोनों ही device एक-दूसरे से काफी अलग है.

दिखने में भले ही ये एक जैसी लगे परन्तु features और size के मामले में इनके बीच बड़ा difference है. नीचे कुछ बिंदुओं को पढ़कर आप इनके बीच के अंतर को समझ जायेंगे.

  • सबसे बड़ा अंतर size का है, जहां TVs एक large size में आते है. वही monitor smaller size में available होते है.
  • TV में USB, VGA, HDMI सहित कई तरह के ports शामिल होते है. जबकि Monitor में इससे कुछ कम पोर्ट्स होते है.
  • TV के comparison में इसके price low होते है.
  • ये दोनों ही high-resolution image को produce करते है.
  • Monitor का response time milliseconds में होता है. जो TV की तुलना में काफी अच्छा है. खास कर gaming perpose के लिए ये काफी मायने रखता है.
  • Computer monitor में tuner व inbuilt speaker नही होते है, जबकि TV में ये सुविधा है.
  • इनका refresh rate एक TV की तुलना में अच्छा होता है.
  • Clour accuracy के मामले में भी TV काफी हद तक पीछे है.

एक TV को entertainment के लिए बनाया गया है इसलिए उसमे मौजूद features भी इसी बात को ध्यान में रख कर दिए गए है. तो एक टीवी को computer display की जगह देना किसी भी तरह से ठीक नही है.

भविष्य का मॉनिटर कैसे होगा?

आज की समय में टेक्नोलॉजी बहुत एडवांस हो चुकी है ,आज के समय में टेक्नोलॉजी में लगातार बदलाव आ रहे है आज हम बात करने वाले हैं कि भविष्य मैं हमारा मॉनिटर कैसा होगा?

मुझे पता है कि वर्तमान समय में आज टेक्नोलॉजी बहुत फास्ट है, मेरे हिसाब से आने वाले कुछ समय मैं हमारा मॉनिटर बहुत एडवांस लेवल का हो जाएगा,

जैसे कि हमने sci fi मूवीस में देखा है और बहुत सारे हमारे मॉनिटर में बदलाव आ जाएंगे. हो सकता है कि भविष्य  में हमारा मॉनिटर ट्रांसपेरेंट स्क्रीन में बदल जाएं.

भविष्य में हमारा मॉनिटर ऐसा हो सकता है बहुत सारी बड़ी-बड़ी कंपनियां इस पर काम कर रही है , आने वाले कुछ समय में यह टेक्नोलॉजी हमें देखने को मिल सकती है.

Conclusion:

दोस्तों मुझे पता है कि आज का पोस्ट आपके लिए बहुत हेल्पफुल रहा होगा और इसमें हमने अपने पूरी तरह से आपको  मॉनिटर क्या है और मॉनिटर के प्रकार क्या है, आपके लिए बेस्ट मॉनिटर कोन सा है और आपको कोन सा मॉनिटर खरीदना चाईए बहुत अच्छे से बताया गया हैं. अगर आपको कुछ समझ में नहीं आ रहा है तो आप हमारा पोस्ट दोबारा पढ़ सकते हो.

मॉनिटर monitor kiya hai, monitor ya led tv konsa le

मुझे विश्वास है कि आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी बहुत ही अच्छे से समझ में आ गई होगी, अगर आपकी कोई query है तो आप कमेंट बॉक्स में बता सकते हो.

आपने हमारा पोस्ट पढा उसके लिए हम आपका तहे दिल से धन्यवाद करते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *