मेमोरी क्या है Memory की Full जानकारी हिन्दी में

मेमोरी memory kiya hain
0/5 No votes
Developer
--
--

Report this app

Description

मेमोरी का परिचय (Introduction of Memory)

हम जानेंगे कि कंप्यूटर मेमोरी क्या है , और ये जानकारी आपको हिंदी में दी जाएगी और हा अगर आप Computer में रुचि रखते है, तो अपको MEMORY के बारे में पता होना चाहिए.

आज हम  आपको “What is Memory in Computer in Hindi” के बारे में विस्तार से बताने जा रहे है . मनुष्य में कुछ बातों को याद रखने के लिये मष्तिस्क होता है, उसी तरह कंप्यूटर में डाटा को याद रखने के लिए मेमोरी (Memory) होती है.

what is memory, मेमोरी memory kiya hain

यह मेमोरी सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (C.P.U) का अभिन्न अंग है, इसे कंप्यूटर की मुख्य मेमोरी (Main memory), आंतरिक मेमोरी (Internal Memory), या प्राथमिक मेमोरी (Primary Memory) भी कहते हैं.

What is Memory (मेमोरी क्या हैं?)

किसी भी निर्देश, सूचना, अथवा परिणामों को स्टोर करके रखना मेमोरी कहलाता हैं,यह Device Input Device के द्वारा प्राप्त निर्देशों को Computer में  Store करके रखता है इसे Computer की याददाश्त भी कहाँ जाता है.

मेमोरी, कंप्यूटर की स्टोरेज यूनिट है. यह कंप्यूटर का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है. इसमें हम डाटा प्रोग्राम इत्यादि को स्टोर कर सकते हैं. इसको नापने की साइज के आधार पर कई यूनिट है.

बाईट किलाबाईट, मेगाबाईट , गीगाबाईट एवं टेराबाईट इसमें सबसे छोटी यूनिट बाईट एवं सबसे बड़ी यूनिट टेराबाईट होती है.

कंप्यूटर मेमोरी की इकाइयां (Computer Memory Units)

बिट अथवा बाइट: मेमोरी में स्टोर किया गया डाटा 0 या 1 के रूप में परिवर्तित हो जाता है 0 तथा 1 को संयुक्त रूप से बाइनरी डिजिट कहा जाता हैं| संक्षेप में इन्हें बिट भी कहा जाता हैं| यह बिट कंप्यूटर कि मेमोरी में स्टोर किए गए स्थान को मापने की सबसे छोटी इकाई होती हैं|

8 Bits = 1 Bytes

1024 Bytes = 1 Kilobyte (1 KB)

1024 KB = 1 Megabyte (1MB)

1024 MB = 1 Gigabyte (1 GB)

1024 GB = 1 Terabyte (1 TB)

1024GB=1PB

अब तक आप कंप्यूटर मेमोरी क्या है और कंप्यूटर मेमोरी की इकाइयों के बारे में जान चुके है अब कंप्यूटर मेमोरी के प्रकार के बारे में जान लेते है।

कंप्यूटर मेमोरी के प्रकार? (Types of Memory in Hindi)

types of memory in hindi

Computer में डाटा को स्थायी और अस्थायी रूप में संग्रहित किया जाता हैं. जिसके लिए वह अलग-अलग प्रकार की मेमोरी का इस्तेमाल करता हैं.

कंप्यूटर मेमोरी के तीन प्रकार है,जिनका विवरण नीचे विस्तार रूप में बताया गया है:

Cache Memory

Primary Memory

Secondary Memory

 Cache Memory क्या होती हैं?

यह मैमोरी बहुत ही तेज होती हैं. इस मैमोरी में अधिकतर यानि Frequently इस्तेमाल होने वाले प्रोग्राम और निर्देश संग्रहित किये जाते हैं. ताकि CPU – Central Processing Unit तेजी से कार्य कर सके.

Cache Memory CPU और Main Memory के बीच स्थित होती हैं. यानि CPU पहले से ही Cache Memory में स्टोर डाटा और निर्देश प्राप्त कर लेता हैं. और कार्य के दोहराव से बच जाता हैं.

क्योंकि उसे अब किसी कार्य के लिए निर्देश और डाटा प्राप्त करने के लिए प्राथमिक मेमोरी में नही जाना पडता हैं. इसलिए CPU तेजी से कार्य करता हैं.

Cache Memory में इन डाटा और निर्देशों को Operating System द्वारा भेजा जाता हैं. जिन्हे फिर CPU द्वारा इस्तेमाल किया जाता हैं. इस मैमोरी की Store Capacity Limited होती हैं.

इसलिए इसे बार-बार साफ करना पडता हैं. यह डाटा User के काम का नही होता हैं.

Cache Memory की विशेषताएं

Cache Memory प्राथमिक स्मृति से तेज होती हैं.

इसमें डाटा अस्थायी रूप में संग्रहित रहता हैं.

इसमे अधिकतर इस्तेमाल होने प्रोग्रामों और कार्यों के निर्देश स्टोर रहते हैं.

इसकी स्टोर क्षमता सीमित होती हैं.

Stored Data को बार-बार साफ करना पडता हैं.

 

प्राथमिक मैमोरी क्या होती हैं? ( What is Primary Memory )

Primary Memory को मुख्य मैमोरी (Main Memory) और अस्थायी मैमोरी (Volatile Memory) भी कहा जाता हैं. यह मैमोरी CPU का भाग होती हैं. जहाँ से CPU डाटा और निर्देश प्राप्त करता हैं. और प्रोसेस करने के बाद रक्षित रखता हैं.

प्राथमिक मैमोरी में वर्तमान में किया जा रहे काम के निर्देश और डाटा संग्रहित रहता हैं. यह मैमोरी अस्थायी होती हैं. काम खत्म होने के बाद संग्रहित डाटा स्वत: डिलिट हो जाता हैं और अगले काम का डाटा स्टोर हो जाता हैं.

यह एक सतत प्रक्रिया हैं. अगर Computer Shut Down होने पर भी सारा डाटा डिलिट हो जाता हैं. मुख्य मैमोरी (Main Memory) और अस्थायी मैमोरी (Volatile Memory) भी कहा जाता हैं.

यह मैमोरी CPU का भाग होती हैं. जहाँ से CPU डाटा और निर्देश प्राप्त करता हैं. और प्रोसेस करने के बाद रक्षित रखता हैं.

प्राथमिक मैमोरी में वर्तमान में किया जा रहे काम के निर्देश और डाटा संग्रहित रहता हैं. यह मैमोरी अस्थायी होती हैं. काम खत्म होने के बाद संग्रहित डाटा स्वत: डिलिट हो जाता हैं और

अगले काम का डाटा स्टोर हो जाता हैं. यह एक सतत प्रक्रिया हैं. अगर Computer Shut Down होने पर भी सारा डाटा डिलिट हो जाता हैं.

मेमोरी को Main Memory भी कहा जाता है. इसके दो प्रकार हैं:

RAM

ROM

रैम क्या है? (What is RAM in Hindi)

what is ram in hindi

रैम (Random Access Memory) एक अर्धचालक (Semiconductor) आधारित मेमोरी है यह एक अस्थिर (Temporary) मेमोरी है। यह सीपीयू या अन्य हार्डवेयर डिवाइस से डेटा रीड और राईट कर सकता  हैं।

यह अस्थायी रूप से डेटा को संग्रहीत करता है सिस्टम को बंद कर दिया जाये तो, यह डेटा खो देता है परिणामस्वरूप, RAM को अस्थायी डेटा संग्रहण क्षेत्र (Temporary Data Storage Area) के रूप में प्रयोग किया जाता है।

रैम मुख्यतः दो प्रकार की होते  है –

Static Random Access Memory (SRAM)

Dynamic Random Access Memory (DRAM)

Static RAM:- SRAM अर्धचालक (Semiconductor) मेमोरी का एक प्रकार है। यह तब तक डेटा संग्रहीत करता है जब तक सिस्टम को बिजली की आपूर्ति की जाती है।

एक बार बिजली बंद हो जाती है, तो SRAM में संग्रहीत डेटा खो जाता है SRAM प्रत्येक मेमोरी सेल के लिए छह ट्रांजिस्टर का उपयोग करता है सेल में मौजूद ट्रांजिस्टर के अधिक संख्या के कारण, मेमोरी सेल्स बार बार रिफ्रेश नहीं होते है

अतः डेटा लंबी अवधि के लिए जमा रहता है एक सेल को रिफ्रेश करने का मतलब एक सेल में डेटा को फिर से Re-write करना।

SRAM डेटा को बहोत तेज़ी से Acess करता है । SRAM की डेटा तक पहुँचने वाला गति कैश मेमोरी की तरह व्यवहार करता है अतः इसे Cache RAM भी करते है

DRAM की तुलना में SRAM महंगा होता है। SRAM का उदाहरण सभी प्रकार की कैश मेमोरी (Cache Memory) है।

Dynamic RAM:- DRAM में डेटा का Lifetime बहुत कम होता है। डेटा लगभग चार मिलीसेकेंड के लिए है DRAM मेमोरी सेल्स में संग्रहित होता है प्रत्येक मेमोरी सेल्स में एक ट्रांजिस्टर (Transistor) और एक कैपासिटर (Capcitor) की एक जोड़ी होती है।

प्रत्येक मेमोरी सेल को थोड़ा डेटा के रूप में संदर्भित किया जाता है, छोटी-छोटी सूचना की जानकारी जो सिस्टम के साथ काम कर सकती है। DRAM की मेमरी सेल DRAM नियंत्रक द्वारा हर कुछ मिलीसेकंड्स के बाद मेमोरी में डेटा को बनाए रखने के लिए रिफ्रेश कर देते हैं।

DRAM में मेमरी सेलस को Rows और columns में व्यवस्थित किया जाता है। प्रत्येक कक्ष में एक Rows और एक columns Reference Number है। DRAM सेल Reference Number का उपयोग करते हुए डेटा तक पहुंचता है। DRAM SRAM की तुलना में कम महंगा होता है।

विभिन्न प्रकार के DRAM जो कि एक डेस्कटॉप कंप्यूटर में उपयोग किए जाते हैं:

SDRAM (Synchronous Dynamic Random Access Memory)

RD RAM (Rambus Dynamic Random Access Memory)

DDR1 RAM

DDR2 RAM

DDR3 RAM

रोम क्या है? (What is ROM in Hindi)

 

ROM केवल डाटा को रीड करने के लिए होती है यह डेटा को स्थायी रूप से संग्रहीत करता है और यह एक Non-volatile Memory है। यह सिस्टम बंद होने के बाद भी डाटा नहीं खोता है। नतीजतन, रोम स्थायी डेटा संग्रहण क्षेत्र है विभिन्न प्रकार के रोम हैं: –

PROM (Programmable Read Only Memory)

EPROM (Erasable Programmable Read Only Memory)

EEPROM (Electrically Erasable Programmable Read Only Memory)

PROM : PROM चिप एक Programmable Read Only Memory होती है यह डाटा को स्थायी रूप से स्टोर करता है और यह एक Non-volatile Memory होता है।

PROM एक मेमोरी चिप है जो डेटा को केवल एक बार ही प्रोग्राम किया जा सकता है। इस वजह से, PROM चिप्स को अक्सर One Time Programmable (OTP) चिप्स के रूप में जाना जाता है।

PROM में स्थायी रूप से स्टोर डाटा को मिटाने रॉम की प्रोग्रामिंग को कभी-कभी बर्निंग (Burning) के रूप में जाना जाता है और इसके लिए एक विशेष मशीन की आवश्यकता होती है जिसे ROM Burner कहा जाता है।

EPROM : Erasable Programmable Read Only Memory का अर्थ है EPROM में स्थायी रूप से स्टोर डाटा को मिटाने के लिए अल्ट्रा वायलेट (UV) किरण का प्रयोग किया जाता हैं।

इसे आसानी से एक EPROM Eraser एक उपकरण की सहायता से, जिसमें एक यूवी प्रकाश स्रोत होता है जो चिप को एक रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण डाटा को मिटा देता है।

EEPROM/FLASH ROM : Electrically Erasable Programmable Read Only Memory का अर्थ है EEPROM में भी डाटा को स्थायी रूप से स्टोर किया जाता है

यह भी सिर्फ डाटा और प्रोग्राम को पढने योग्य होता है। Electrical Signal की सहायता से स्थायी रूप से स्टोर डाटा को हटा दिया जाता है इसे हाइब्रिड मेमोरी भी कहा जाता है

क्योंकि यह रैम के समान पढ़ता है और लिखता है, लेकिन रॉम के समान डेटा रखता है। यह रैम और रोम का एक मिश्रण है।

Primary Memory की विशेषताएं

यह मैमोरी अस्थायी होती हैं.

CPU का भाग होती है.

Power Supply या काम खत्म होने के बाद डाटा स्वत: डिलिट हो जाता हैं.

इसके बिना काम्प्युटर काम नही कर सकता हैं.

अतिरिक्त मैमोरी से तेज होती है.

Secondary Memory (द्वितीयक मैमोरी) क्या होती हैं?

इसे External (अतिरिक्त) और Non-Volatile Memory के नाम से भी जाना जाता हैं. इसका इस्तेमाल डाटा को Permanently Store करने के लिए किया जाता हैं.

इस मैमोरी में संग्रहित डाटा हमेशा के लिए सुरक्षित रहता हैं. जिसे User और कम्प्युटर कभी भी Access कर सकते हैं.

Secondary Memory CPU का भाग नही होती हैं. इसका डाटा पहले मुख्य मैमोरी में जाता हैं इसके बाद ही CPU इसे इस्तेमाल कर सकता हैं. इसकी Storage Capacity बहुत ज्यादा होती हैं.

तथा इसे हम घटा-बढ़ा सकते हैं. डाटा को ऐक्सेस करने की गति Primary Memory से धीमी होती है. Secondary Storage device को Auxiliary storage Device भी कहा जाता है .

डाटा ऐक्सेस करने के आधार पर यह तीन प्रकार की होती है |

Sequential Access Storage device: इस क्रिया में storage Data को उसी कर्म में ऐक्सेंस किया जाता है जिस कर्म में स्टोर किया जाता है | चुम्बकीये टेपद इसी का उदाहरण है |

Index Sequential Access Medhod: इसमें डाटा को sequential Access Method से ही डाटा को ऐक्सेस किया जाता है | लेकिन इसमें डाटा को स्टोर करते समय एक इंडेक्स तयार कर लिया जाता है |

Direct Access Method: इसमें डाटा को किसी भी कर्म में ऐक्सेस किया जा सकता है एवं किसी भी कर्म में डाटा को स्टोर किया जा सकता है | इसकी ऐक्सेस गति सीरियल एक्सेस की तुलना में अधिक होती है |

स्टोरेज डिवाइस के प्रकार:

Megnetic Tape :- Megnetic Tape एक स्थाई द्वत्तियक स्टोरेज डिवाइस है. इसमें एक प्लास्टिक के टेप पर चुम्बुकीय पदार्थ (Megnetic Oxide) का लेपन रहता है|

कार्टेज टेप (cartridge tape):- इस tape की चौड़ाई चुम्बकीय टेप से कम होती है. 1970 के दसक के अंत में घरेलु कम्प्यूटरों में काम्पेक्ट कैसेट का प्रयोग किया जाता है.

चुम्बकीय डिस्क (Megnetic Disk): आजकल डाटा को स्टोर करने के लिए कम्प्यूटरों में चुम्बकीय डिस्क का प्रयोग किया जा रहा है.

चुम्बकीय डिस्क दो प्रकार की होती है |

Floppy Disk

Hard Disk

फ्लॉपी डिस्क (Floppy Disk): फ्लॉपी डिस्क को डिक्केट या केवल फ्लॉपी भी कहा जाता है | इसका प्रयोग माइक्रो कंप्यूटर में होता है | यहाँ आकार एवं साइज के आधार पर दो प्रकार की होती है |

Mini Floppy:- यह आकार में 51/2 इंच की होती है, संग्रहण छमता 1.2 MB होती है | इनकी Drive भी आकार में इसी की आकर की होती है |

Micro Floppy:- यह आकर में 3½ इंच की होती है. इनकी संग्रहण छमता 1.4 MB होती है |

हार्ड डिस्क (Hard Disk): हार्ड डिस्क का विकास कम्प्यूटर मैं डाटा को स्टोर करने के लिए किया गया था आजकल इसका प्रयोग कम्प्युटर से आगे बढ़कर कई छेत्रों में हो रहा है |

डिस्क की प्लेट में Track and Sector होते है. सेक्टर में डाटा स्टोर होता है. एक सेक्टर में 512 बाईट डाटा स्टोर होता है |

डाटा को स्टोर एवं पढने करने के लिए तीन तरह के समय लागते हैं जो निम्न है:

 

Seek Time:- डिस्क में डाटा को रीढ या राईट करने वाले track तक पहुंच में लगा समय सीक टाइम कहलाता है.

Letancy time:– Track में डाटा के sector तक पहुँच में लगा समय लेटेंसी टाइम कहलाता है.

Transfer Rate:– Sector में डाटा को लिखने एवं पढने में जो समय लगता है. उसे transfer Rate कहा जाता है.

ऑप्टिकल डिस्क : ऑप्टिकल डिस्क वे डिस्क होती है. जिसमे डाटा को रीड और स्टोर करने के लिए लाइटा का प्रयोग का प्रयोग किया जाता है | ऑप्टिकल डिस्क कहलाती है. इस डिस्क में एक रासायनिक पदार्थ का लेप रहता है.   

  Secondary Memory की विशेषताएं

यह स्थायी मैमोरी होती हैं.

डाटा हमेशा के लिए संग्रहित रहता हैं.

इसकी गतिथोडी कम होती हैं.

स्टोर क्षमता बहुत ज्यादा होती हैं.

काम खत्म होने या कम्प्युटर बंद होने पर भी डाटा सुरक्षित रहता हैं.

    Computer Memory Units in Hindi

Computer Memory में डाटा 0 और 1 के रूप में संग्रहित रहता हैं. इन दो संख्याओं को Binary Digits और Bits कहा जाता हैं. प्रत्येक अंक एक Bit को प्रस्तुत करता हैं. इसलिए Computer Memory की सबसे छोटी इकाई Bit होती हैं.

Memory के छोटे-छोटे Characters को Represent करने के लिए इन Binary Digits का एक Set बनाया जाता हैं. इसकी शुरुआत 8 Digits या 8 Bits (जैसे; 10011001) से होती हैं. ये 8 Bits 1 Byte के बराबर होते हैं.

इसी प्रकार ज्यादा डाटा को Represent करने के लिए इन Bits का और बडा Set बनाया जाता हैं. जिनका नामकरण Bits की संख्याओं के आधार पर किया जाता हैं. नीचे हम अब तक बनाये गये Bits Sets के बारे में बता रहे हैं.

 

Bit = 0 या 1

4 Bit = 1 Nibble

2 Nibble और 8 Bit = 1 Byte

1024 Byte = 1 KB (Kilo Byte)

1024 KB = 1 MB (Mega Byte)

1024 MB = 1 GB (Giga Byte)

1024 GB = 1 TB (Tera Byte)

1024 TB = 1 PB (Penta Byte)

1024 PB = 1 EB (Exa Byte)

1024 EB = 1 ZB (Zetta Byte)

1024 ZB = 1 YB (Yotta Byte)

1024 YB = 1 BB (Bronto Byte)

1024 BB = 1 GB (Geop Byte)

Note:- Bit को अग्रेंजी के छोटे “b” से Represent किया जाता हैं. और Byte को अग्रेंजी के बडे “B” से Represent किया जाता हैं. जैसे; 200 Mbps को आप 200 MBps के बराबर नही मान सकते हैं. क्योंकि 200 Mbps का मतलब 200 Mega Bits Per Second है. और दूसरे 200 MBps का मतलब 200 Mega Byte Per Second होता हैं.

Conslusion

मै आशा करता हु की आपको हमारा “कंप्यूटर मेमोरी क्या है? (What is Computer Memory in Hindi)” ये पोस्ट काफी पसंद आया होगा। अगर आपको यह पोस्ट अच्छा लगा हो तो इसे जरुर अपने दोस्तों के साथ शेयर करे।

मेमोरी क्या है, what is memory, memory types

हमने कोशिस किया है की “कंप्यूटर मेमोरी क्या है? (What is Computer Memory in Hindi)“आपको आसन और विस्तृत रूप में वर्णन कर सके। अगर आपको कोई भी उलझन हो तो निचे कमेंट करे। यदि आप हमसे सम्पर्क करना चाहते या आपके पास कोई सुझाव है तो आप हमसे संपर्क करे। हम आपके सुझाव का स्वागत करते हैं.

इस पोस्ट  में हमने आपको Computer Memory की पूरी जानकारी उपलब्ध करवाई हैं. आपने साथ ही Computer Memory के विभिन्न प्रकार भी जाना हैं. हमे उम्मीद है कि यह पोस्ट आपके लिए उपयोगी साबित होगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *