कीबोर्ड क्या है, कीबोर्ड की पूरी जानकारी हिन्दी में

keyboard kiya hai keyboard ki puri jankari hindi me
0/5 No votes
Developer
--
--

Report this app

Description

कीबोर्ड का परिचय

हम इस के बारे में बात करने वाले हैं, हम सभी कुछ ना कुछ कीबोर्ड के बारे में जानते है, लगभग सभी ने इसको घरों , कॉलेज, बैंकों, स्कूलो में देखा होगा और इसका इस्तेमाल किया होगा,

लेकिन हमारे लिए Keyboard का देखना और इसका इस्तेमाल करने जैसी जानकारी हमारे लिए काफी नहीं है इसलिए यह पोस्ट आपके लिए है और हम इसमें कोशिश करेंगे कि आपको कंप्यूटर कीबोर्ड की पूरी जानकारी दी जाए ताकि आप कंप्यूटर Keyboard के बारे में बेहतर तरीके से जान सको.

keyboard kya hai keyboard ki puri jaankari hindi me

भारत में कंप्यूटर Keyboard के बारे में बहुत सारे लोग जानते हैं लेकिन इसके इस्तेमाल के बारे में बहुत कम लोगों को पता है. क्या हो कि आप बहुत बड़े इंटरव्यू में बैठे हुए हो और आपसे एक प्रश्न पूछ जाए कि कंप्यूटर Keyboard क्या है और उसके प्रकार क्या-क्या है जैसे तैसे

आप उस क्वेशन का आंसर दे दोगे लेकिन अंदर से संतुष्ट नहीं होंगे, इससे पहले ऐसे प्रश्नों के उत्तर के लिए आपको हमेशा तैयार होना चाहिए

आइए अब हम इस पोस्ट को जारी करते हैं कि Keyboard क्या है, Keyboard के आविष्कार कौन है , Keyboard का फुल फॉर्म क्या है यह सारी बातें अब हम जानेंगे.

कीबोर्ड क्या है?

इस को टाइपराइटर जैसी कीज़ (Keys) के एक सेट के रूप में परिभाषित किया गया है जो आपको कंप्यूटर में इनपुट डेटा दर्ज करने में सक्षम बनाता है। Keyboard इलेक्ट्रिक-टाइपराइटर के समान होते हैं लेकिन इसमें अतिरिक्त टाइपिंग कीज़ होती हैं। यह एक इनपुट डिवाइस है।

इस का मतलब हिंदी में “कुंजीपटल” होता है। इसकी मदद से, हम कंप्यूटर को इनपुट देते हैं। Keyboard का उपयोग टेक्स्ट और न्यूमेरिक डेटा दर्ज करने के लिए किया जाता है।

कीबोर्ड का फुल फॉर्म क्या है?

keyboard ka full form kiya hai

 

K – Keys

E – Electronic

Y – Yet

B – Board

O – Operating

A – A to Z

R – Response

D – Directly

कीबोर्ड का इतिहास क्या है?

1868 में, क्रिस्टोफर लैथम शॉल्स (Christopher Latham Sholes) जो एक अमेरिकी आविष्कारक थे, जिन्होंने QWERTY कीबोर्ड का आविष्कार किया था। जैसे-जैसे तकनीक आगे बढ़ी, QWERTY कीबोर्ड ने कई प्रकार के आकार ग्रहण किए।

आधुनिक कीबोर्ड का आविष्कार टाइपराइटरों के साथ शुरू हुआ और टाइपराइटर को धीरे-धीरे एक कंप्यूटर कीबोर्ड में तब्दील कर दिया गया, जिससे आप परिचित हैं। पहले के टाइपराइटर में, सभी अक्षर एक सीधी रेखा में यानी A, B, C, D… के क्रम में होते थे। इस तरह के टाइपराइटर में टाइपिंग करते समय कई गलतियाँ होती थीं और बटन दबाने में कठिनाई भी होती थी।

उस टाइपराइटर में बैकस्पेस बटन भी नहीं होता था, आप सोच सकते हैं कि उस समय इसका इस्तेमाल करना कितना मुश्किल होगा। क्रिस्टोफर लैथम शॉल्स इन सभी समस्याओं को दूर करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने सभी कीज़ को नए तरीके से व्यवस्थित किया। इस नए रूप को QWERTY कीबोर्ड कहा जाता है।

इस का उपयोग करना बहुत आसान था क्योंकि QWERTY कीबोर्ड में टाइपिंग की स्पीड बढ़ गई और गलतियां कम होने लगीं थी और आज हम इसी का उपयोग करते हैं और यह दुनिया भर में लोकप्रिय है।

सामान्य तौर पर,

Keyboard के दो मॉडल उपलब्ध हैं –

सामान्य मॉडल (Standard Model) जिसमें 83 या 84 कीज़ होती हैं और

विकसित मॉडल (Enhanced Model) जिसमें 104 से अधिक कीज़ होते हैं। ये मॉडल आजकल बहुत लोकप्रिय हैं।

कीबोर्ड का आविष्कार कब हुआ था? (When was Keyboard Invented)

इस का आविष्कार 1868 में क्रिस्टोफर लैथम शॉल्स ने किया था। उन्हें ‘टाइपराइटर के पिता‘ (Father of the Typewriter) और ‘QWERTY कीबोर्ड के आविष्कारक‘ (Inventor of the QWERTY Keyboard) के रूप में जाना जाता है।

कीबोर्ड काम कैसे करता है?

जैसा कि हम जानते हैं कि एक हार्डवेयर डिवाइस होता है और इस के अपने सर्किट (Circuit) और प्रोसेसर (Processor) होते हैं। कंप्यूटर कीबोर्ड में कीबोर्ड मैट्रिक्स सर्किट (Keyboard Matrix Circuit) का उपयोग होता है जो कीबोर्ड प्रोसेसर और इस की सभी स्विच (Switch) के बीच सर्किट कनेक्शन (Circuit Connection) होता है।

जिसकी मदद से यह उपयोगकर्ता द्वारा दबाए जाने वाले बटन की जानकारी को कीबोर्ड प्रोसेसर में भेजता है। प्रत्येक बटन के नीचे एक ओपन सर्किट (Open Circuit) होता है और जब भी आप एक बटन दबाते हैं, तो उसके नीचे का स्विच से सर्किट क्लोज (Close Circuit) हो जाता है और इस तरह से, इस में एक हल्का विधुत प्रवाह होता है।

और जब कीबोर्ड प्रोसेसर एक पूर्ण सर्किट पाता है, तो रीड-ओनली मेमोरी (ROM) में एक कैरेक्टर चार्ट (Character Chart) बनता है। यह प्रोसेसर को बताता है कि कौन सा बटन दबाया गया है और वह बटन कहाँ पर स्थित है।

कीबोर्ड का उपयोग कैसे करें?

keyboard ka upyog kaise kare

इस का उपयोग करने के लिए, पहले इस को कंप्यूटर से जोड़ना आवश्यक है, कीबोर्ड को कंप्यूटर से जोड़ने के लिए कंप्यूटर में USB और PS/2 पोर्ट होते है। अब, लगभग सभी वायर्ड कीबोर्ड अपने इंटरफेस के रूप में यूएसबी (USB) का उपयोग करते हैं।

पुराने कंप्यूटर PS/2 और सीरियल कनेक्टर का उपयोग करते थे। यदि आपका वायरलेस कीबोर्ड (Wireless Keyboard) है, तो यह ब्लूटूथ (Bluetooth), रेडियो फ्रीक्वेंसी (Radio Frequency) या इंफ्रारेड (Infrared) पर काम करता है।

सभी वायरलेस कीबोर्ड में एक रिसीवर (Receiver) होता है जिसे कंप्यूटर के USB पोर्ट में प्लग किया जाता है, और कीबोर्ड उस रिसीवर से वायरलेस तरीके से कनेक्ट होता है।

एक बार कनेक्ट होने के बाद, आप सुनिश्चित करें कि आपके वायरलेस कीबोर्ड में बैटरी है। अब आप कीबोर्ड का उपयोग कर सकते हैं।

कीबोर्ड की विशेषताएं

पोर्ट और इंटरफ़ेस (Ports and Interface): कीबोर्ड वायर्ड और वायरलेस मॉडल में आते हैं। वायर्ड कीबोर्ड यूएसबी, PS/2, या सीरियल कनेक्टर के माध्यम से कंप्यूटर के साथ संचार करता है।

वायरलेस कीबोर्ड का लाभ यह है कि आप कंप्यूटर से दूर बैठकर भी टाइपिंग कर सकते हैं। अधिकांश कीबोर्ड वायरलेस कनेक्टिविटी के लिए या तो यूएसबी या ब्लूटूथ तकनीक का उपयोग करते हैं।

हॉटकीज़ और मीडिया कीज़ (Hotkeys and Media Keys): कीबोर्ड हॉटकीज़ उपयोगकर्ता के लिए कंप्यूटर का उपयोग करना आसान बनाता है और ये हॉटकी आपका समय बचा सकते हैं।

मीडिया कीज़, जिसमें वॉल्यूम और वीडियो कण्ट्रोल जैसे कार्य शामिल हैं, आप अपने मीडिया सिस्टम को कण्ट्रोल करने के लिए अपने कीबोर्ड के मीडिया कीज़ का उपयोग कर सकते हैं।

Keyboard का आकार (Size of the Keyboard): आजकल कीबोर्ड अलग-अलग उद्देश्यों के लिए अलग-अलग आकारों में आते हैं, कुछ पोर्टेबिलिटी के लिए बनाए जाते हैं ताकि आप इसे आसानी से पैक कर सकें और जब आपको जरुरत हो तब इसका उपयोग कर सकें।

छोटे कीबोर्ड के फायदे यह हैं की ये कीबोर्ड बहुत कम जगह लेते हैं और वजन में हल्के होते हैं ताकि आप इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जा सकें।

यदि आप गेमिंग के लिए एक कीबोर्ड चाहते हैं जिसमें मीडिया बटन, स्पेशल कीज़ आदि हो, तो आप गेमिंग कीबोर्ड का चयन कर सकते हैं।

कीबोर्ड लेआउट (Keyboard Layout): अधिकांश कीबोर्ड में QWERTY लेआउट होता है, लेकिन AZERTY लेआउट के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। QWERTY के अलावा, कई अलग-अलग प्रकार के कीबोर्ड लेआउट होते हैं। जिन्हें भाषा और क्षेत्र के अनुसार बनाया जाता हैं जो हमारी उत्पादकता को बढ़ाता है।

Keyboard के लाभ

कीबोर्ड एक प्राथमिक इनपुट डिवाइस है। जिसे आप वर्ड-प्रोसेसिंग (Word Processing) या डाटा एंट्री (Data Entry) करने के लिए उपयोग कर सकते हैं।

यदि आपकी टाइपिंग की स्पीड अच्छी नहीं है, तो आप कीबोर्ड की शॉर्टकट कीज का उपयोग करके आसानी से टाइपिंग कर सकते हैं।

आपके काम को आसान बनाने के लिए, कुछ विशेष प्रकार के कीबोर्ड भी आते हैं जैसे एर्गोनोमिक कीबोर्ड, मल्टीमीडिया कीबोर्ड आदि।

कीबोर्ड बहुत महंगा नहीं होता है, इसे साफ करना और मरम्मत करना आसान है।

Keyboard के नुकसान

कीबोर्ड पर टाइपिंग करते समय गलतियाँ होना बहुत आसान है।

कीबोर्ड का उपयोग करने वाले व्यक्ति को टाइपिंग (Typing) करना सीखना होता है।

आप कीबोर्ड से आरेख (Diagram) या चार्ट (Chart) नहीं बना सकते है।

कीबोर्ड का बहुत अधिक उपयोग करने से Repetitive Strain Injury और Carpal Tunnel Syndrome भी हो सकता है।

Keyboard की संरचना

कीबोर्ड की संरचना (Keyboard Layout) को विभिन्न देशों की भाषाओं (Languages) के आधार पर अलग-अलग प्रकार का होता है, जिसमें कीज़ को अलग-अलग क्रम में व्यवस्थित किया जाता है। आजकल कई कीबोर्ड लेआउट मार्किट में उपलब्ध हैं, जैसे QWERTY, AZERTY, Dvorak आदि।

लेकिन इन सभी की तुलना में, ‘QWERTY’ का सबसे अधिक उपयोग किया जाता है। आज मैं इन्ही कीबोर्ड लेआउट के प्रकारों के बारे में विस्तार से बताने जा रहा हूं।

ये सभी कीबोर्ड लेआउट को दो श्रेणियों में विभाजित किया जाता हैं।

QWERTY Keyboard Layout

Non-QWERTY Keyboard Layout

QWERTY Keyboard Layout:

QWERTY

QWERTY कीबोर्ड लेआउट दुनिया भर में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला कीबोर्ड लेआउट है, इस कीबोर्ड का नाम QWERTY इस लिए रखा गया था क्योंकि इसके पहले 6 अक्षर Q, W, E, R, T और Y होते हैं, जिसे आप अल्फाबेट्स की पहली लाइन में देख सकते हैं।

QWERTY कीबोर्ड पहली बार 1868 में बनाया गया था। स्टैण्डर्ड यूएस क्वर्टी कीबोर्ड में 101, 104 या 107 कीज़ होते हैं। QWERTY लेआउट दुनिया भर में अपनाए गए अब तक के सबसे लोकप्रिय कीबोर्ड लेआउट पैटर्न है। इसका उपयोग लगभग सभी देशों में किया जाता है। यहां तक कि QWERTY कीबोर्ड हर मोबाइल और टैबलेट में डिफ़ॉल्ट इंस्टॉल रहता है।

QWERTZ

QWERTZ कीबोर्ड एक टाइपराइटर और कीबोर्ड लेआउट है जिसका व्यापक रूप से मध्य यूरोप में उपयोग किया जाता है। इस कीबोर्ड के पहले छह अक्षरों में Q, W, E, R, T और Z होता है। जर्मनी एक पश्चिमी यूरोपीय देश है, जहां की जर्मन भाषा में, “Z” अक्षर का “Y” अक्षर की तुलना में अधिक बार उपयोग किया जाता है।

जिससे यह कीबोर्ड लेआउट वहां अधिक उपयोग किया जाता है। इसके अलावा, “T” और “Z” जर्मन ऑर्थोग्राफी के अनुसार एक-दूसरे के बगल में उपयोग किए जाते हैं, जिससे इस कीबोर्ड लेआउट से टाइप करना बहुत आसान हो जाता है।

AZERTY

AZERTY कीबोर्ड लेआउट QWERTY कीबोर्ड लेआउट का फ्रेंच वर्शन है। इस कीबोर्ड में, QWERTY कीबोर्ड के “Q” और “W” कीज़ को “A” और “Z” से बदल दिया गया है। AZERTY कीबोर्ड, जिसे स्टैण्डर्ड फ्रेंच कीबोर्ड के रूप में भी जाना जाता है, एक लोकप्रिय यूरोपीय कीबोर्ड लेआउट (European Keyboard Layout) है।

यह फ्रांस में विकसित किया गया था और ज्यादातर फ्रांसीसी लोगों द्वारा उपयोग किया जाता है।

QZERTY

QZERTY कीबोर्ड लेआउट QWERTY कीबोर्ड लेआउट का इतालियन वर्शन है। इस कीबोर्ड में, QWERTY कीबोर्ड की “W” बटन को “Z” से बदल दिया गया है। इतालियन टाइपराइटर अक्सर QZERTY लेआउट का उपयोग करते हैं।

स्विटजरलैंड के इतालियन बोलने वाले लोग भी QWERTZ कीबोर्ड का ही उपयोग करते हैं।

Non-QWERTY Keyboard Layout:

Dvorak

Dvorak कीबोर्ड लेआउट को स्पीड में टाइप करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। यह 1930 में एक अमेरिकी मनोवैज्ञानिक और वाशिंगटन के सिएटल विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर, ऑगस्ट ड्वोरक (August Dvorak) द्वारा डिजाइन किया गया था।

QWERTY कीबोर्ड लेआउट के विपरीत, ड्वोरक कीबोर्ड लेआउट को उंगली की मूवमेंट को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया था, जिसके द्वारा जल्दी जल्दी टाइपिंग होता है।

इस कीबोर्ड लेआउट में बीच लाइन में सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाले अक्षरों को शामिल किया गया है। उदाहरण के लिए, “E” अक्षर आमतौर पर इस्तेमाल किया जाने वाला अक्षर है, तो इसे केंद्र में रखा गया है।

आप QWERTY कीबोर्ड लेआउट की तुलना में ड्वोरक कीबोर्ड लेआउट से तेज़ी से डेटा इनपुट कर सकते हैं, और इसका उपयोग करना भी बहुत आसान होता है और यह आपकी उंगलियों के लिए भी आरामदायक होता है।

ड्वोरक कीबोर्ड लेआउट ज्यादातर वैज्ञानिक अनुसंधान (Scientific Research) में उपयोग किया जाता है क्योंकि इससे टाइपिंग करने की स्पीड बहुत तेज हो जाती है।

Colemak

Colemak लैटिन-लिपि वर्णमाला का एक कीबोर्ड लेआउट है, जिसे 2006 में शाई कोलमैन (Shai Coleman) ने बनाया था। इस लेआउट को टाइपिंग को अधिक कुशल और आरामदायक बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया था,

यह QWERTY और Dvorak लेआउट का एक आधुनिक विकल्प है, जिसे एर्गोनोमिक टाइपिंग (Ergonomic Typing) करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

Colemak अब QWERTY और Dvorak के बाद अंग्रेजी में टाइपिंग के लिए 3 सबसे लोकप्रिय कीबोर्ड लेआउट में से एक है और मैक और लिनक्स पर पहले से इंस्टॉल आता है। 100,000 से अधिक लोग इस कीबोर्ड लेआउट (Keyboard Layout) का उपयोग कर रहे हैं।

Workman

Workman लेआउट एक नॉन QWERTY कीबोर्ड लेआउट है, वर्कमैन कीबोर्ड लेआउट विशेष रूप से सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया था। वर्कमैन लेआउट हाथ और उंगली के बीच के खिंचाव को कम करता है।

जिसे अधिक टाइपिंग (Typing) करने के बाद भी हाथों और उंगलियों में दर्द कम होता है।

कीबोर्ड के प्रकार क्या है?

हमारे उपयोग के अनुसार, कीबोर्ड कितने प्रकार के होते हैं और वे कैसे काम करते हैं। हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताएंगे।

आज बाजार में कई तरह के कीबोर्ड (Keyboard) उपलब्ध हैं। इन सभी की अलग-अलग विशेषताएं (Features) होती हैं। सभी विभिन्न प्रकार के कीबोर्ड क्या हैं? (Keyboard Kya Hai) और वे कैसे काम करते हैं, नीचे विस्तार से वर्णित किया गया है।

मेम्ब्रेन कीबोर्ड (Membrane Keyboard)

मेम्ब्रेन कीबोर्ड एक ऐसा Keyboard होता है, जिसमें कीज़ (Keys) अलग नहीं होती हैं, यह एक पारदर्शी, प्लास्टिक के आवरण से ढकी होती हैं, और इनमें बहुत कम गति होती है।

मेम्ब्रेन कीबोर्ड का लाभ यह है कि यह रबड़ जैसी मेम्ब्रेन (Membrane) से ढका होता है जो इसे गंदगी से बचाता है और ये Keyboard सस्ते होते हैं, लेकिन इस Keyboard में जल्दी से टाइप करना मुश्किल होता है।

मैकेनिकल कीबोर्ड (Mechanical Keyboard)

मैकेनिकल Keyboard एक उच्च गुणवत्ता वाला कीबोर्ड होता है, मैकेनिकल Keyboard में कीज़ (Keys) के नीचे एक स्प्रिंग (Spring) होता है। इस Keyboard की कीज़ बहुत सॉफ्ट होती हैं और जब हम इस पर टाइप कर रहे होते हैं, तो यह एक टाइपराइटर की तरह आवाज़ निकलता है।

यह मुख्य रूप से गेम खेलने वाले लोगों द्वारा पसंद किया जाता है। क्योंकि यह Keyboard बहुत टिकाऊ (Durable) है और बहुत आरामदायक (Comfortable) होता है।

एर्गोनोमिक कीबोर्ड (Ergonomic Keyboard)

एर्गोनोमिक कीबोर्ड एक विशेष प्रकार का कीबोर्ड होता है, जो उपयोगकर्ता और उनके काम को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, जो उपयोगकर्ता को अन्य की तुलना में उपयोग करने में अधिक आराम देता है और साथ ही कलाई की मांसपेशियों के तनाव और हाथ से संबंधित अन्य समस्याओं को कम करता है।

यह Keyboard उपयोगकर्ता की कार्यक्षमता को बढ़ाता है, जो उपयोगकर्ता के काम करने की गति को बढ़ा देता है और साथ ही साथ लगातार टाइपिंग के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं को भी कम करता है। एर्गोनोमिक कीबोर्ड अंग्रेजी वर्णमाला “V” के आकार का होता है, जो उपयोगकर्ता की टाइपिंग गति भी बढ़ाता है। एर्गोनोमिक Keyboard बाजार में कई आकारों में उपलब्ध है और ये Keyboard बहुत महंगे होते हैं।

गेमिंग कीबोर्ड (Gaming Keyboard)

गेमिंग Keyboard को गेमिंग के शौकीनों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है कि ताकि उन्हें गेम खेलने में आसानी हों। इस Keyboard का डिज़ाइन बहुत ही आकर्षक होता है। इस Keyboard में गेम को आसानी से खेलने के लिए कुछ स्पेशल कीज़ (Special Keys) दी जाती हैं।

हम गेमिंग करते समय ‘W‘, ‘A‘, ‘S‘, ‘D‘, एरो कीज़ (Arrow Keys) और स्पेस (Space) का उपयोग करते हैं। एक गेमिंग Keyboard में, इन कीज़ को हाइलाइट किया जाता है और इनमे बैकलिट कीज़ (Backlit Keys), मल्टीमीडिया कीज़ (Multimedia Keys), एंटी घोस्ट कीज़ (Anti Ghost Keys), डब्ल्यू लॉक कीज़ (W. Lock Keys), पोलिंग रेट (Polling Rate), डबल इंजेक्शन (Double Injection) और वायरलेस कनेक्टिविटी (Wireless Connectivity) जैसे एक्स्ट्रा फीचर्स होते हैं।

बैकलिट कीज़ के साथ आप अंधेरे या कम रौशनी में गेम खेल सकते हैं, जबकि मल्टीमीडिया कीज़ की मदद से आप स्क्रीन की ब्राइटनेस, साउंड आदि को बिना गेम को डिस्टर्ब किए कंट्रोल कर सकते हैं। गेमिंग Keyboard की बिल्ड क्वालिटी (Build Quality) बहुत अच्छी होती है और और ये साधारण Keyboard की तुलना में बहुत अधिक महंगे (Expensive) होते हैं।

वायरलेस कीबोर्ड (Wireless Keyboard)

वायरलेस कीबोर्ड एक प्लग-एंड-प्ले (Plug and Play) Keyboard होता है जो उपयोगकर्ता को तार (Wire) के झंझट से राहत देता है क्योंकि इसमें कोई तार या केबल नहीं होता है। यह रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF), इन्फ्रारेड (IR) या ब्लूटूथ तकनीक की मदद से कंप्यूटर से संचार करता है।

आजकल बाजार में वायरलेस माउस (Wireless Mouse) के साथ वायरलेस Keyboard (Wireless Keyboard) मिलना आम बात है। इस Keyboard की खासियत यह है कि आप अपने कंप्यूटर से 30 फीट (9 मीटर) दूर बैठकर भी कंप्यूटर को इनपुट दे सकते हैं।

वायरलेस Keyboard बैटरी (Battery) द्वारा संचालित होता है और इसमें एक सिग्नल-रिसीवर (Signal Receiver) होता है जो कंप्यूटर को कमांड भेजता है। यह आकार में छोटा और वजन में हल्का होता है। यह वायरलेस Keyboard (Wireless Keyboard) थोड़ा महंगा है और इसे कंप्यूटर से जोड़ने में थोड़ी तकनीकी जटिलता होती है। इसी तकनीकी जटिलता के कारण, इसका अधिक उपयोग नहीं किया जाता है।

मल्टीमीडिया कीबोर्ड (Multimedia Keyboard)

मल्टीमीडिया कीबोर्ड सबसे लोकप्रिय कीबोर्ड प्रकारों में से एक है। मल्टीमीडिया कीबोर्ड आमतौर पर उपयोगकर्ताओं द्वारा अक्सर उपयोग किए जाने वाले प्रोग्राम को लॉन्च करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

कुछ मल्टीमीडिया में ईमेल, मल्टीमीडिया प्लेयर, इंटरनेट ब्राउज़र और सर्च प्रोग्राम खोलने की भी सुविधा होती है। कुछ मल्टीमीडिया में वेब ब्राउज़र में आगे और पीछे जाने, वॉल्यूम बढ़ाने या घटाने और मल्टीमीडिया फाइल्स में एक फ़ाइल से दूसरी फ़ाइल को खोलने की कार्यक्षमता होती है।

संगीत को पसंद करने वाले लोग सबसे ज्यादा इसे पसंद करते हैं। क्योंकि यह मुख्य रूप से मल्टीमीडिया को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किया जाता है। इस Keyboard में सभी महत्वपूर्ण मल्टीमीडिया कीज़ होती हैं।

जैसे कि प्ले, पॉज, स्टॉप, नेक्स्ट, प्रीवियस, वॉल्यूम अप, वॉल्यूम डाउन, म्यूट आदि बटन होते है, जिसकी मदद से हम मल्टीमीडिया फंक्शन का आसानी से उपयोग कर सकते हैं और साथ ही आप वीडियो प्लेबैक (Video Playback) को भी नियंत्रित कर सकते हैं।

लैपटॉप कीबोर्ड (Laptop Keyboard)

लैपटॉप में उपयोग किए जाने वाले Keyboard को लैपटॉप कीबोर्ड कहा जाता है, यह एक QWERTY कीबोर्ड होता है। इस का लेआउट थोड़ा अलग होता है क्योंकि इन्हें लैपटॉप के आकार के अनुसार डिज़ाइन किया जाता है। अधिकांश लैपटॉप को छोटा दिखाने के लिए दाईं ओर के नुमेरिक कीपैड (Numeric keypad) को हटा दिया जाता है।

यदि आप डेस्कटॉप Keyboard का अधिक उपयोग करने के बाद लैपटॉप कीबोर्ड का उपयोग करते हैं, तो आपको कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि इसके कीज़ आपस में बहुत पास पास होते हैं। इसके साथ ही, लैपटॉप में कुछ अतिरिक्त कीज़ भी दी गई हैं जो विभिन्न प्रकार के कार्य करती हैं।

जैसे स्क्रीन की ब्राइटनेस को कम और ज्यादा करना, वॉल्यूम को कम, ज्यादा या म्यूट करना, मल्टीमीडिया को कण्ट्रोल करना, लैपटॉप को स्लीप मोड (Sleep Mode) में डालना या एयरप्लेन मोड (Airplane Mode) को चालू करना आदि शामिल है। डेस्कटॉप कीबोर्ड की तुलना में लैपटॉप कीबोर्ड जल्दी खराब नहीं होते हैं। लेकिन लैपटॉप कीबोर्ड डेस्कटॉप कीबोर्ड की तुलना में बहुत अधिक महंगा होता है। इसलिए हमें लैपटॉप को गिरने, बारिश और धूल से बचाना चाहिए।

रोल-अप कीबोर्ड (Roll-Up Keyboard)

रोल-अप कीबोर्ड हाई इलास्टिक पॉलीमर (High Elastic Polymer) से बना एक पोर्टेबल कीबोर्ड (Portable Keyboard) होता है और इसे फोल्डेबल Keyboard (Foldable Keyboard) भी कहा जाता है क्योंकि इसे सिलेंडर (Cylinder) के आकार में मोड़कर कहीं भी एक बॉक्स में ले जाया जा सकता है।

यह उन लोगों के लिए सबसे अच्छा Keyboard है जो बहुत यात्रा करते हैं। जब भी आप चाहें इसे इस्तेमाल करें और काम खत्म होने के बाद इसे रोल कर दीजिये। रोल-अप Keyboard आकर्षक, टिकाऊ और बहुत कम बिजली का उपयोग करता है, इसके अलावा यह वाटरप्रूफ भी होता है।

जिसका मतलब है कि यदि आपके हाथ गीले हैं, तब भी आप इस पर आसानी से काम कर सकते हैं। इसके कीज़ बहुत मुलायम होते हैं, आपकी उंगलियां अधिक टाइप करने के बाद भी दर्द नहीं करेगी।

कीबोर्ड में कितने बटन होते हैं?

क्या आप जानते हैं? Keyboard में कितने बटन होते हैं? या Keyboard में कितनी कुंजियां होती है? 99% लोग प्रतियोगी परीक्षा (Competitive Exam) में इस प्रश्न का उत्तर गलत देते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि कंप्यूटर के कीबोर्ड में कुल कितने बटन होते हैं?

माइक्रोसॉफ्ट ने 104 कीज़ विंडोज कीबोर्ड को एक एनहांस्ड कीबोर्ड (Enhanced Keyboard) के रूप में लॉन्च किया था। 104 कीज़ वाले विंडोज में केवल तीन विशेष कीज़ जोड़े गए थे, जो विंडोज से संबंधित कार्य करते थे। स्टैण्डर्ड विंडोज में 104 कीज़ होते हैं।

लेकिन कई कंपनी के कीबोर्ड में 101, 102, 105, 108 कीज़ की एक अलग संख्या होती है, क्योंकि वे स्पेशल कीज़ (Special Keys) जोड़ते हैं। जिससे आपका टाइपिंग आसान हो जाता है। इस में बहुत सी कीज़ होती हैं, प्रत्येक कीज़ का उपयोग विशेष कार्यों के लिए किया जाता है। उपयोग के आधार पर, इन कीज़ को मुख्य रूप से 5 भागों में विभाजित किया जाता है।

अल्फान्यूमेरिक कीज (Alphanumeric Keys)

अल्फ़ान्यूमेरिक कीज़ का उपयोग आमतौर पर डेटा इनपुट करने में किया जाता है। इसमें अल्फाबेट (A-Z/a-z), नंबर (0-9) और स्पेशल कैरेक्टर (!, @, #, $, %, ^, &, *) शामिल हैं, इन्हें अल्फान्यूमेरिक कीज कहा जाता है। यह इस के केंद्र में स्थित होता हैं। इन कीज का उपयोग टाइपिंग में अधिक किया जाता है।

इस में नंबर वॉल कीज़ दो जगहों पर स्थित होता हैं, पहला अल्फाबेट कीज़ के ऊपर और दूसरा अल्फाबेट कीज़ के दाईं ओर होता हैं। अल्फाबेट कीज़ के ऊपर में नंबर कीज होता हैं। इस पर स्पेशल कैरेक्टर अंकित होता हैं, हम इसे सिंबल कीज के रूप में भी उपयोग करते हैं।

इसके लिए शिफ्ट कीज़ का इस्तेमाल करना पड़ता है, शिफ्ट कीज़ के साथ, शिफ्ट कीज को दबाकर और साथ में नंबर वाला कीज को एक साथ दबाने से उस पर अंकित सिंबल टाइप हो जाते हैं।

न्यूमेरिक कीज (Numeric Keys)

अल्फाबेट कीज़ के ठीक ऊपर न्यूमेरिक कीज़ स्थित होती हैं। इन कीज़ की सहायता से अंक 0 से 9 तक अंक टाइप किए जाते हैं। इस के दाईं ओर नंबर टाइप करने के लिए एक अलग सेट भी होता है, जिसे न्यूमैरिक कीपैड कहा जाता है, जो बिल्कुल कैलकुलेटर के समान होता है।

इनमें से कुछ ‘कीज’ एक साथ दो कार्य करती हैं। न्यूमेरिक कीपैड के ऊपर NUM LOCK बटन होता है, NUM LOCK के ऑफ या ऑन होने का पता न्यूमेरिक कीपैड के ऊपर हरे रंग के इंडिकेटर के जलने या बुझने से जाना जाता है।

NUM LOCK बंद होने पर यह कीज़ काम नहीं करती है, और जब NUM LOCK ऑन होता है, तो न्यूमेरिक कीपैड पर किसी भी कीज़ को दबाने पर नंबर टाइप होता है।

फंक्शन कीज (Function Keys)

प्रत्येक कीबोर्ड के सबसे ऊपर F1 से F12 फ़ंक्शन कीज़ का एक सेट होता हैं। उनका उपयोग कंप्यूटर में विशिष्ट कार्यों के लिए किया जाता है। उनका कार्य ऑपरेटिंग सिस्टम या वर्तमान में चल रहे प्रोग्राम (Program) पर भी निर्भर करता है।

स्पेशल कीज (Special Keys)

कंप्यूटर सिस्टम में स्पेशल कीज बहुत उपयोगी होती हैं, इसका उपयोग कुछ विशेष फ़ंक्शन को करने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए Shift, Ctrl, Alt, Enter, Esc आदि।

नेविगेशन कीज (Navigation Keys)

नेविगेशन कीज़ का उपयोग कंप्यूटर स्क्रीन पर पॉइंटर (कर्सर) को इधर-उधर ले जाने के लिए किया जाता है। इनमे चार एरो कीज़ होती हैं। इन कीज़ पर तीर के निशान बना होता हैं।

बाईं ओर वाले तीर को Left Key और दाईं ओर वाले तीर को Right Key कहा जाता है। जो तीर ऊपर की ओर होता है, उसे Up Key कहा जाता है और जो तीर नीचे की ओर उसे Down Key कहा जाता है।

इन कीज़ के साथ, आप कर्सर को स्क्रीन पर बाएं-दाएं, ऊपर और नीचे ले जा सकते है।

कीबोर्ड की शॉर्टकट कीज (Keyboard Shortcut Keys in Hindi)

कीबोर्ड keyboard shortcut keys in hindi

कीबोर्ड शॉर्टकट कीज (Keyboard Shortcut Keys in Hindi) कंप्यूटर उपयोगकर्ता के लिए बहुत उपयोगी होता हैं। आप इन शॉर्टकट कीज का उपयोग करके अपने काम को सरल और तेज़ बना सकते हैं। इसलिए यदि आप कंप्यूटर का उपयोग करते हैं, तो आपको नीचे दिए गए कुछ महत्वपूर्ण शॉर्टकट कीज की जानकारी होनी चाहिए।

शॉर्टकट कीज एक, दो या तीन कुंजी का कॉम्बिनेशन होती हैं। उनकी मदद से, आप माउस को छुए बिना आसानी से अपना काम कर सकते हैं। यह भी सच है कि माउस से हमारा काम बहुत आसान हो जाता है।

लेकिन आप इस के शॉर्टकट कीज के माध्यम से भी अपना काम जल्दी और आसानी से कर सकते हैं, इसके लिए आपको इस की शॉर्टकट कीज की जानकारी होनी चाहिए। आज हम आपको कंप्यूटर के कुछ जरूरी कीबोर्ड शॉर्टकट कीज के बारे में बताएंगे, जिनके इस्तेमाल से आप अपना समय बचा सकते हैं।

Ctrl+A Select All

Ctrl+B Bold

Ctrl+C Copy

Ctrl+D Bookmark/Font/delete    

Ctrl+E Center

Ctrl+F Find 

Ctrl+G Go To     

Ctrl+H Find & Replace  

Ctrl+I Italic 

Ctrl+J Justified    

Ctrl+K Hyperlink   

Ctrl+L Left Alignment    

Ctrl+M Move

Ctrl+N New File   

Ctrl+O Open File  

Ctrl+P Print 

Ctrl+Q Close

Ctrl+R Reload/Right Alignment  

Ctrl+S Save 

Ctrl+T Open a New Tab 

Ctrl+U Underline  

Ctrl+V Paste

Ctrl+W      Close a Tab

Ctrl+X Cut  

Ctrl+Y Redo

Ctrl+Z Undo

Alt+Tab  Switch Between Applications

Alt+F Open the File Menu    

Alt+F4 Close a Window/Application   

Shift+Del    Delete Permanently     

Ctrl+Alt+Delete     Open Task Manager    

Windows+R Open Run Command Box     

Ctrl+Esc     Open the Start Menu   

Ctrl+Plus (+) Increase Zoom   

Ctrl+Minus (-)      Decrease Zoom  

Home Move the Cursor to Start Line 

End   Move the Cursor to End Line

F1    Used as the Help Key  

F2    Rename the Selected File     

F5    Used as a Reload Key

कुछ महत्वपूर्ण Command Keys और उनके उपयोग

Control Key: कण्ट्रोल कुंजी एक कॉम्बिनेशन बटन है, जिसे जब किसी अन्य कुंजी के साथ संयुक्त रूप से दबाया जाता है, तो एक विशेष ऑपरेशन होता है। उदाहरण के लिए, Ctrl+C की सहायता से हम किसी भी डेटा को कॉपी कर सकते हैं और Ctrl+V के साथ उस डाटा को पेस्ट कर सकते हैं।

Alt Key: Alt कुंजी का उपयोग अन्य दबाए गए कुंजी के कार्य को बदलने के लिए किया जाता है। इस प्रकार, Alt कुंजी एक Modifier Key है, और इसका उपयोग कण्ट्रोल कुंजी की तरह शॉर्टकट कमांड देने के लिए भी किया जाता है।

Shift Key: शिफ्ट कुंजी एक Modifier Key है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब किसी बटन पर दो करैक्टर चिह्नित होते है, तो ऊपर वाले करैक्टर को टाइप करने के लिए ‘शिफ्ट कुंजी’ का उपयोग किया जाता है। जैसे कि “!” कीबोर्ड पर 1 नंबर बटन के ऊपर चिह्नित होता है। तो “!” को टाइप करने के लिए, Shift के साथ 1 नंबर बटन दबाएं, तो “!” टाइप किया जाएगा अन्यथा 1 टाइप किया जाएगा।

Esc Key: Esc कुंजी का उपयोग करके, उपयोगकर्ता कंप्यूटर पर चल रहे प्रोग्राम को रद्द कर सकता है। जैसे कि आप एक गेम खेल रहे हैं, तो आप Esc कुंजी का उपयोग करके गेम से एग्जिट (Exit) कर सकते हैं और पावरपॉइंट में इसका उपयोग स्लाइड शो से एग्जिट करने के लिए किया जा सकता है या इसके उपयोग से आप पॉप-अप विंडोज़ को बंद भी कर सकते है। यानी, आप कंप्यूटर में जो भी काम कर रहे हैं, उसे कैंसिल (Cancel) कर सकते है।

Enter Key: Enter कुंजी एक महत्वपूर्ण कुंजी होता है, इसे रिटर्न कुंजी (Return Key) भी कहा जाता है। यह हमारे द्वारा दिए गए आदेश को कंप्यूटर में भेजने का कार्य करता है। डॉक्यूमेंट बनाते समय एक नया पैराग्राफ शुरू करने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। एंटर कुंजी ‘ओके’ बटन के रूप में भी काम करता है। कीबोर्ड पर एंटर कुंजी दो जगहों पर होता है।

Backspace Key: बैकस्पेस कुंजी का उपयोग टाइप किए गए टेक्स्ट को कर्सर के बाईं ओर और सेलेक्ट किये हुए टेक्स्ट को मिटाने (Delete) के लिए किया जाता है।

Delete Key: डिलीट कुंजी का उपयोग टेक्स्ट, फाइल, फोल्डर आदि को हटाने (Delete) के लिए किया जाता है।

Num Lock Key: कीबोर्ड के न्यूमेरिक कीज तब काम करती हैं जब न्यूम लॉक कुंजी को ऑन किया जाता है, अन्यथा, न्यूमेरिक कीपैड काम नहीं करती है।

Caps Lock Key: कैप्स लॉक कुंजी ऑन करने के बाद, आप अपरकेस से लोवरकेस तथा लोवरकेस से अपरकेस में टाइप कर सकते हैं। यह कुंजी केवल अल्फाबेट कुंजियों पर काम करती है।

Windows Key: विंडोज कुंजी में माइक्रोसॉफ्ट का लोगो बना होता है और यह कीबोर्ड पर बाईं Ctrl और Alt कुंजियों के बीच होता है। स्टार्ट मेन्यू को खोलने के लिए विंडोज कुंजी का उपयोग किया जाता है।

Spacebar Key: स्पेस बार कुंजी एक लंबी पट्टी के समान होती है, जिसका उपयोग टाइप करते समय शब्दों के बीच स्पेस (Space) बनाने के लिए होता हैं।

Tab Key: टैब कुंजी का उपयोग एक समय में 8 कैरेक्टर के बराबर स्पेस देने के लिए किया जाता है, इसके अलावा भी इसके कई उपयोग होते हैं जैसे यदि आप एक ऑनलाइन फॉर्म बढ़ रहे हैं तो यह आमतौर पर एक डेटा एंट्री बॉक्स से दूसरे डेटा एंट्री बॉक्स में जाने के लिए और डायलॉग बॉक्स में दिए गए विकल्पों में से किसी एक का चयन करने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। टैब कुंजी का उपयोग कुछ कीबोर्ड शॉर्टकट में भी किया जाता है।

Print Screen Key: कंप्यूटर स्क्रीन का स्क्रीनशॉट लेने के लिए प्रिंट-स्क्रीन कुंजी का उपयोग किया जाता है, स्क्रीनशॉट लेने के बाद, यह आपके क्लिपबोर्ड पर कॉपी हो जाता है ताकि आप इसे कहीं भी पेस्ट कर सकें। जैसे डॉक्यूमेंट, ईमेल, इमेज एडिटर आदि।

Other Keys: ऊपर बताई गई कुंजियों के अलावा, कीबोर्ड पर कई अन्य कुंजियों होती हैं, जैसे Pause/Break, Scroll Lock आदि जो विशेष कार्यों के लिए उपयोग की जाती हैं।

 

परीक्षा में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न – FAQs

 

प्रश्न: इस किस प्रकार का डिवाइस है?

उत्तर – इस एक इनपुट डिवाइस है।

प्रश्न: कंप्यूटर की कीबोर्ड में कितने बटन होते हैं?

उत्तर – इस में कुल 104 बटन होती हैं।

प्रश्न: कीबोर्ड को किसने बनाया था?

उत्तर – इस को क्रिस्टोफर लैथम शॉल्स ने बनाया था।

प्रश्न: इस का आविष्कार कब हुआ था?

उत्तर – 1868 में, क्रिस्टोफर लैथम शॉल्स ने इस का आविष्कार किया था।

प्रश्न: इस क्या कार्य करता है?

उत्तर – इस का मुख्य कार्य कंप्यूटर को इनपुट देना है।

प्रश्न: इस में Function Keys कितनी होती है?

उत्तर – इस में 12 फंक्शन कीज़ F1 से F12 तक होती हैं।

प्रश्न: इस में कितने Number Keys होते हैं?

उत्तर – इस में दस नंबर Number Keys होती हैं।

प्रश्न: इस में कितने Alphabetic Keys होते हैं?

उत्तर – इस में 26 Alphabetic Keys होती हैं।

प्रश्न: कीबोर्ड को “QWERTY Keyboard” क्यों कहा जाता है?

उत्तर – इस के पहले 6 अक्षर QWERTY से शुरू होते हैं, इसलिए इसे QWERTY कीबोर्ड कहा जाता है।

प्रश्न: कीबोर्ड लेआउट कितने प्रकार के होते हैं?

उत्तर – इस में दो प्रमुख लेआउट हैं, QWERTY Keyboard Layout और Non-QWERTY Keyboard Layout होते है।

भविष्य का कीबोर्ड कैसे होगा?

आज की समय में टेक्नोलॉजी बहुत एडवांस हो चुकी है ,आज के समय में टेक्नोलॉजी में लगातार बदलाव आ रहे है आज हम बात करने वाले हैं कि भविष्य मैं हमारा कीबोर्ड कैसा होगा?

मुझे पता है कि वर्तमान समय में आज टेक्नोलॉजी बहुत फास्ट है, आज हम देखते हैं कि हमारे स्मार्टफोन मैं जो कीबोर्ड है हम उसको ऑपरेट बोलकर कर सकते हैं. जैसे कि आपने ऊपर पड़ा है कि कैसे-कैसे इस में बदलाव आते गए .

मेरे हिसाब से आने वाले कुछ समय मैं हमारा कीबोर्ड बहुत एडवांस लेवल का हो जाएगा, जैसे कि हमने sci fi मूवीस में देखा है और बहुत सारे हमारे इस में बदलाव आ जाएंगे. हो सकता है कि आने वाले समय में हमारा चश्मा ही हमारा कीबोर्ड बन जाए और हम उसे अपनी आंखों से कंट्रोल कर पाए.

भविष्य में हमारा कीबोर्ड ऐसा हो सकता है बहुत सारी बड़ी-बड़ी कंपनियां इस पर काम कर रही है , आने वाले कुछ समय में यह टेक्नोलॉजी हमें देखने को मिल सकती है.

Conclusion

दोस्तों मुझे पता है कि आज का पोस्ट आपके लिए बहुत हेल्पफुल रहा होगा और इसमें हमने अपने पूरी तरह से आपको  कीबोर्ड / Keyboard के बारे में पूरी पूरी स्टिक जानकारी दी है अगर आपको कुछ समझ में नहीं आ रहा है तो आप हमारा पोस्ट दोबारा पढ़ सकते हो.

कीबोर्ड keyboard kya hai hindi me jaankari

मुझे विश्वास है कि आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी बहुत ही अच्छे से समझ में आ गई होगी, अगर आपकी कोई query है तो आप में कमेंट बॉक्स में बता सकते हो.

आपने हमारा पोस्ट पढ़ा उसके लिए हम आपका तहे दिल से धन्यवाद करते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *