Computer / कंप्यूटर A to Z जानकारी हिंदी में

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Computer / कंप्यूटर का परिचय

Computer: हम चारों और से Technology से घिरे हुए हैं. हम रोजमर्रा के काम में Computer / इस्तमाल कर रहे सभी काम किसी न किसी रूप में technology से सम्बंधित ही है. ये technology हमारे कार्य को आसान ही नहीं बल्कि जल्दी भी कर देती है जिससे हमारे काफी समय की बचत होती है.

आज का समय बहुत ही एडवांस हो चुका है, आज हम इस पोस्ट में जिस टॉपिक पर बात करने वाले है, मुझे पता है आपको पता चल गया होगा कि किस टॉपिक पर बात होने वाली है.

Technology का  ये दौर बहुत ही advance हैं, क्या आप जानना चाहते हो कि कंप्यूटर क्या हैं, आसान भाषा में कहा जाये तो कंप्यूटर एक इलेक्ट्रोनिक यंत्र होता है. ये जवाब शायद आप सभी को पहले से ही पता हो.

तो आप सोच रहे होंगे की आज फिर क्यूँ ये लेख जिसके बारे में हमें पहले से ही सब कुछ पता है.

जरा रुकिए,

computer ki a to z jaankari hindi me

हम आपको आज जो बेसिक कंप्यूटर क्या है इन हिंदी मैं बताना चाहते है, मुझे पता है की आपको कंप्यूटर की बेसिक जानकारी पता है. उसमे से शायद आपको कुछ पहले से पता हो पर मेरा ये मकसद है की आपको पूरी कंप्यूटर के बारे में जानकारी दी जाये न की आधी अधूरी जानकारी दी जाए.

आइए जानते है  कि आखिरकार कंप्यूटर क्या है, कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है? and कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया, कंप्यूटर कैसे कार्य करता है, अभी इस पोस्ट को जारी करते हैं.

कंप्यूटर क्या है?

Yes, कंप्यूटर शब्द अंग्रेजी के “Compute” शब्द से बना है, जिसका अर्थ है “गणना”, करना होता है इसीलिए इसे गणक या संगणक भी कहा जाता है, Computer एक Electronic Machine है जो User द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करती हैं| इसमें डेटा को स्टोर, पुनर्प्राप्त और प्रोसेस करने की क्षमता होती है।

इसका अविष्कार Calculation करने के लिये हुआ था, पुराने समय में Computer का use केवल Calculation करने के लिये किया जाता था

किन्तु आजकल इसका use डाक्यूमेन्ट बनाने, E-mail, listening and viewing audio and video, play games, database preparation के साथ-साथ और कई कामों में किया जा रहा है,

जैसे बैकों में, शैक्षणिक संस्थानों में, कार्यालयों में, घरों में, दुकानों में, Computer का उपयोग बहुतायत रूप से किया जा रहा है.

अभी तक हमने सीखा कि कंप्यूटर क्या है, आइए अब हम कंप्यूटर की फुल फॉर्म के बारे में बात करते हैं.

कंप्यूटर की फुल फॉर्म क्या है?

computer ki full forms

क्या आप जानना चाहते है की कंप्यूटर की फुल फॉर्म क्या है और जानेंगे कि कंप्यूटर की Hindi में फुल फॉर्म क्या है यह सारी बातें अब हम सीखते हैं.

  • सी – आम तौर पर
  • ओ – संचालित
  • एम – मशीन
  • पी- विशेष रूप से
  • यू- प्रयुक्त
  • टी – तकनीकी
  • ई – शैक्षणिक
  • आर – अनुसंधान

कंप्यूटर एक ऐसी मशीन है जिसका प्रयोग आमतौर पर तकनीकी और शैक्षणिक अनुसंधान के लिए किया जाता है.

अब हम कंप्यूटर की फुल फॉर्म इंग्लिश में बताने जा रहे है.

  • C – Common
  • O – Operating
  • M – Machine
  • P – Particular
  • U – Used for
  • T – Trade
  • E – Education
  • R – Research

कम्प्यूटर का जनक कौन है ?

कम्प्यूटर का जनक चार्ल्स बैबेज (Charles Babbage) को कहा जाता है,  चार्ल्स बैबेज जन्म लंदन में हुआ था वहां की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है तो अंग्रेजी से ही कोई शब्द क्यों नहीं लिया गया

इसकी वजह यह है कि जो अंग्रेजी भाषा है उसके  तकनीकी शब्द खासतौर पर प्राचीन ग्रीक भाषा और लैटिन भाषा पर आधारित है इसलिए कंप्यूटर शब्द के लिए यानी एक ऐसी मशीन के लिए जो गणना करती है उसके लिए लैटिन भाषा के शब्द कंप्यूट (Comput)  को लिया गया.

 

जनरेशन ऑफ कंप्यूटर:

हम बात करने वाले हैं कि कंप्यूटर की जेनरेशन क्या है कब कौन सा कंप्यूटर बनाऔर धीरे-धीरे इसमें जो बदलाव आए हैं उसके बारे में अब हम सीखने वाले हैं चलो अब हम पोस्ट को स्टार्ट करते हैं

कंप्यूटर की पहली पीढ़ी – 1940-1956 “Vacuum Tubes”

सबसे पहले generation के कंप्यूटर Vaccum tubes को circuitry और Magnetic Drum को memory के लिए इस्तमाल करते थे. ये size में काफी बड़े बड़े हुआ करते थे.

इनको चलाने में काफी शक्ति का इस्तमाल होता था.ज्यादा बड़ा होने के कारण इसमें heat की भी बहुत समस्या थी जिससे ये कई बार malfunction भी होता था. इनमे Machine Language का इस्तमाल होता था. उदहारण के तोर पे UNIVAC and ENIAC computers.

कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी – 1956-1963 “Transistors”

Second generation के computers में transistors ने vaccum tubes की जगह ले ली. Transistor बहुत ही कम जगह लेते थे, छोटे थे, faster थे, सस्ते थे और ज्यादा Energy Efficient थे. ये पहले generation के कंप्यूटर की तुलना में कम heat generate करते थे

लेकिन फिर भी इसमें heat की समस्या अभी भी थी.इनमे High Level programming Language जैसे COBOL और FORTRAN को इस्तमाल में लाया गया था.

कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी – 1964-1971 “Integrated Circuits”

Third generation के कंप्यूटर में पहली बार Integrated Circuit का इस्तमाल किया गया था. जिसमे Transistors को छोटे छोटे कर silicon chip के अन्दर डाला जाता था

जिसे Semi Conductor कहा जाता है. इससे ये फ़ायदा हुआ की कंप्यूटर की processing करने की क्षमता काफी हद तक बढ़ गयी.पहली बार इस generation के computers को ज्यादा user friendly बनाने के लिए Monitors, keyboards और Operating System का इस्तमाल किया गया. इसे पहली बार Market में launch किया गया.

कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी – 1971-1985 “Microprocessors”

Forth generation की ये खासियत है की इसमें Microprocessor का इस्तमाल किया गया. जिससे हजारों Integrated Circuit को एक ही सिलिकॉन chip में embedded किया गया.

इससे मशीन के आकार को कम करने में बहुत आसानी हुई.Microprocessor के  इस्तमाल से कंप्यूटर की efficiency और भी बढ़ गयी. ये बहुत ही काम समाया में बड़े बड़े कैलकुलेशन कर पा रहा था.

कंप्यूटर की पांचवीं पीढ़ी – 1985-present “Artificial Intelligence”

Fifth generation आज के दोर का है जहाँ की Artificial Intelligence ने अपना दबदबा कायम कर लिया है. अब नयी नयी Technology जैसे Speech recognition, Parallel Processing, Quantum Calculation जैसे कई advanced तकनीक इस्तमाल में आने लगे हैं.

एक ऐसा generation हैं जहाँ की कंप्यूटर की Artificial Intelligence होने के कारण स्वयं decision लेने की क्ष्य्मता आ चुकी है. धीरे धीरे इसके सारे काम Automated हो जायेंगे.

कंप्यूटर के भागों के नाम / Parts of Computer:

  • की-बोर्ड माउस – Keyboard/Mouse
  • प्रोसेसर – Micro Processor.
  • मदर बोर्ड – Mother Board.
  • मेमोरी – Memory.
  • हार्ड डिस्क – Hard Disk Drive
  • मॉडेम – Modem.
  • साउंड कार्ड – Sound Card.
  • मॉनिटर – Monitor.

 

Computer के मूलत दो भाग होते है:

  • सॉफ्टवेयर
  • हार्डवेयर

अब हम बात करने वाले हैं कि सॉफ्टवेयर क्या है और कितने प्रकार के होती है यह सारी बातें हम अब जानेंगे चलिए अब हम जारी करते हैं.

सॉफ्टवेयर क्या है?

सॉफ्टवेयर Computer का वह Part होता है जिसको हम केवल देख सकते हैं और उस पर कार्य कर सकते हैं, Software का निर्माण Computer पर कार्य करने को Simple बनाने के लिये किया जाता है,

आजकल काम के हिसाब से Software का निर्माण किया जाता है, जैसा काम वैसा Software । Software को बडी बडी कंपनियों में यूजर की जरूरत को ध्यान में रखकर Software programmers द्वारा तैयार कराती हैं,

इसमें से कुछ free में उपलब्ध होते है तथा कुछ के लिये चार्ज देना पडता है। जैसे आपको फोटो से सम्बन्धित कार्य करना हो तो उसके लिये फोटोशॉप या कोई वीडियो देखना हो तो उसके लिये मीडिया प्लेयर का यूज करते है।

सॉफ्टवेयर के प्रकार:

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर तीन प्रकार के होते हैं तो आईये जानते हैं सॉफ्टवेयर के प्रकार के बारे में जानते हैं.

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर तीन प्रकार के होते हैं।

  • सिस्टम सॉफ्टवेयर (system software)
  • एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (Application software)
  • यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility software)

सिस्टम सॉफ्टवेयर (system software)

सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software) ऐसे सॉफ्टवेयर होते हैं जो आपके कंप्यूटर के हार्डवेयर को Manage और Control करते हैं और

इन्हीं की वजह से एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software) कंप्यूटर में चल पाते हैं या आप उस पर काम कर पाते हैं सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software) का सबसे सरल उदाहरण के आपका ऑपरेटिंग सिस्टम यानी आपकी विंडोज जो भी आप इस्तेमाल कर रहे होगें,

संक्षेप में सिस्टम सॉफ्टवेयर प्रोग्रामों का एक समूह है, सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software) के और भी कई उदाहरण हैं –

ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System)

  1. असेम्बलर (Assambler)
  2. कम्पाइलर (Compiler)
  3. इंटरप्रेटर (Interpreter)

एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (Application software)

एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (Application software) ऐसे प्रोग्रामों को कहा जाता है, जो हमारे कंप्यूटर पर आधारित मुख्य कामों को करने के लिए लिखे जाते हैं ।

आवश्यकतानुसार भिन्न-भिन्न उपयोगों के लिए भिन्न-भिन्न सॉफ्टवेयर होते हैं Software को बडी बडी कंपनियों में यूजर की जरूरत को ध्यान में रखकर Software programmers द्वारा तैयार कराती हैं,

इसमें से कुछ free में उपलब्ध होते है तथा कुछ के लिये चार्ज देना पडता है। जैसे आपको फोटो से सम्बन्धित कार्य करना हो तो उसके लिये फोटोशॉप या कोई वीडियो देखना हो तो

उसके लिये मीडिया प्लेयर का यूज करते है।  एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (Application software) के कई उदाहरण हैं – फ़ोटोशॉप,पेजमेकर,पावर पाइंट,एम एस वर्ड,एस एस एक्सेल आदि है.

यूटीलिटी सॉफ्टवेयर (Utility Software)

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility software) का काम कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) की सर्विस/ रिपेयर करने का काम होता है

साथ में यह ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) केे माधयम से यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility software) कुछ हार्डवेयर की सर्विस करने का काम भी करते हैं

जिससे उनकी कार्यक्षमता और गति को बढाया जा सके, इसमें से बहुत कुछ यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility software) ऑपरेंटिंग सिस्टम के साथ आते है और कुछ को अलग से लेना पडता है, जैसे एंटीवायरस,डिस्क डिफ्रेगमेंटर आदि है.

 हार्डवेयर क्या है

computer hardware parts

हार्डवेयर कंप्यूटर का वह भाग होता है जिसे हम देख और छू सकते है, हार्डवेयर कहलाते है.

कंप्यूटर के हार्डवेयर के बारे में अब हम बात करने वाले हैं और वे क्या है इस बारे में अब हम पोस्ट को जारी करते हैं

कम्प्यूटर के निम्न महत्वपूर्ण भाग होते है:-

  • मोनीटर या एल.सी.डी.
  • की-बोर्ड
  • माऊस
  • सी.पी.यू.
  • यू.पी.एस

मोनीटर या एल सी डी :- इसका प्रोयोग कम्प्यूटर के सभी प्रेाग्राम्स का डिस्प्ले दिखाता है। यह एक आउटपुट डिवाइस है।

की-बोर्ड :-

इसका प्रयोग कम्प्यूटर मे टाइपिंग लिए किया जाता है, यह एक इनपुट डिवाइस है हम केवल की-बोर्ड के माध्यम से भी कम्प्यूटर को आपरेट कर सकते है।

माऊस :-

माऊस कम्प्यूटर के प्रयोग को सरल बनाता है यह एक तरीके से रिमोट डिवाइस होती है और साथ ही इनपुट डिवाइस होती है।

सी. पी. यू.(सेन्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट):-

यह कम्प्यूटर का महत्वपूर्ण भाग होता है हमारा सारा डाटा सेव रहता है कम्प्यूटर के सभी भाग सी. पी. यू. से जुडे रहते है। सीपीयू के अन्दरूनी भागों के बारे में जानें क्लिक करें।

यू.पी.एस.(अनिट्रप पावर सप्लार्इ):-

यह हार्डवेअर या मशीन कम्प्यूटर बिजली जाने पर सीधे बन्द होने से रोकती है जिससे हमारा सारा डाटा सुरक्षित रहता है।

यह सारे

कम्प्यूटर हार्डवेयर दो भागों में बॅटे रहता है-

  • आउटपुट डिवाइस
  • इनपुट डिवाइस

आउटपुट डिवाइस

आउटपुट डिवाइस:- आपके द्वारा दी गयी कंमाड के अाधार पर प्रोसेस की गयी जानकारी का आउटपुट कंप्यूटर द्वारा आपको दिया जाता है जो

आपको आउटपुट डिवाइस या आउटपुट यूनिट द्वारा प्राप्त हो जाता है आउट डिवाइस हार्डवेयर होता है आउटपुट डिवाइस सबसे बेहतर

उदाहरण आपका कंप्यूटर मॉनिटर है यह i/o devices कहलाती है मोनीटर,स्पीकर,प्रिन्टर,प्रोजेक्टर,हेडफोन,प्रिंटर आदि आउटपुट डिवाइस के उद्धारण है.

इनपुट डिवाइस

इनपुट डिवाइस इनपुट डिवाइस ऐसी होती हैं जिनसे कंप्यूटर में डेटा और कमांड स्टोर या एंटर कराया जा सकता है इनपुट डिवाइस मेन मेमोरी में स्टोर किए गए डेटा और निर्देशों को बायनरी में कन्वर्ट कर देती है

माऊस,की-बोर्ड,स्केनर,डी.वी.डी.ड्राइव,पेनड्राईव,कार्डरीडर ,माइक्रोफोन आदि इनपुट डिवाइस के उदाहरण है.

विभिन्न प्रकार के कंप्यूटर

जब अधिकांश लोग कंप्यूटर शब्द सुनते हैं, तो वे डेस्कटॉप या लैपटॉप जैसे व्यक्तिगत कंप्यूटर के बारे में सोचते हैं। हालांकि, कंप्यूटर कई आकारों में आते हैं,

और वे हमारे दैनिक जीवन में कई अलग-अलग कार्य करते हैं। जब आप एटीएम से नकदी वापस लेते हैं, स्टोर में किराने का सामान स्कैन करते हैं, या कैलकुलेटर का उपयोग करते हैं, तो

इसका मतलब हैं की आप एक प्रकार का कंप्यूटर इस्तेमाल कर रहे हैं।

Desktop computers

कई लोग काम, घर और स्कूल में डेस्कटॉप कंप्यूटर का उपयोग करते हैं। डेस्कटॉप कंप्यूटर को डेस्क पर रखा जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, और वे आमतौर पर कंप्यूटर केस, मॉनीटर, कीबोर्ड और माउस सहित कुछ अलग-अलग हिस्सों से बने होते हैं।

Laptop computers

दूसरे प्रकार के कंप्यूटर से आप परिचित हैं एक लैपटॉप कंप्यूटर, जिसे आमतौर पर लैपटॉप कहा जाता है। लैपटॉप बैटरी संचालित कंप्यूटर हैं जो डेस्कटॉप से अधिक पोर्टेबल हैं, जिससे आप उन्हें लगभग कहीं भी उपयोग कर सकते हैं।

Tablet computers

टैबलेट कंप्यूटर-या टैबलेट-हैंडहेल्ड कंप्यूटर हैं जो लैपटॉप से भी अधिक पोर्टेबल हैं। कीबोर्ड और माउस के बजाए, टैबलेट टाइपिंग और नेविगेशन के लिए टच-संवेदनशील स्क्रीन का उपयोग करते हैं। आईपैड टैबलेट का एक उदाहरण है।

Servers

एक सर्वर एक कंप्यूटर है जो नेटवर्क पर अन्य कंप्यूटरों को जानकारी प्रदान करता है। उदाहरण के लिए, जब भी आप इंटरनेट का उपयोग करते हैं, तो आप किसी ऐसे सर्वर को देख रहे हैं जो सर्वर पर संग्रहीत है। कई व्यवसाय आंतरिक रूप से फ़ाइलों को स्टोर और शेयर करने के लिए स्थानीय फ़ाइल सर्वर का भी उपयोग करते हैं।

अन्य प्रकार के कंप्यूटर (Other types of Computers)

स्मार्टफ़ोन (Smartphone) : कई सेलफ़ोन इंटरनेट ब्राउज़ करने और गेम खेलने सहित कई चीजें कर सकते हैं। उन्हें अक्सर स्मार्टफोन कहा जाता है।

पहनने योग्य (Wearable) : पहनने योग्य तकनीक उपकरणों के एक समूह के लिए एक सामान्य शब्द है – जिसमें फिटनेस ट्रैकर्स और स्मार्टवॉच शामिल हैं-जिन्हें पूरे दिन पहने जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इन उपकरणों को अक्सर पहनने योग्य कहा जाता है।

गेम कंसोल (Game Control) : एक गेम कंसोल एक विशेष प्रकार का कंप्यूटर है जिसका उपयोग आपके टीवी पर वीडियो गेम खेलने के लिए किया जाता है।

टीवी (TV): कई टीवी में अब एप्लिकेशन या ऐप्स शामिल हैं जो आपको विभिन्न प्रकार की ऑनलाइन सामग्री तक पहुंचने देते हैं। उदाहरण के लिए, आप सीधे अपने टीवी पर इंटरनेट से वीडियो स्ट्रीम कर सकते हैं।

कंप्यूटर की विशेषताये:

कंप्यूटर की विशेषताएं नीचे बताई गई है आओ सीखते हैं कि कंप्यूटर की विशेषताएं क्या है?

Speed (गति)

आप पैदल चल कर कही भी जा सकते है फिर भी साईकिल, स्कूटर या कार का इस्तेमाल करते है ताकि आप किसी भी कार्य को तेजी से कर सके Machine की सहायता से आप कार्य की Speed बड़ा सकते है

इसी प्रकार Computer किसी भी कार्य को बहुत तेजी से कर सकता है Computer कुछ ही Second में गुणा, भाग, जोड़, घटाना जैसी लाखो क्रियाएँ कर सकता है

यदि आपको 500*44 का मान ज्ञात करना है तो आपको 1 या 2 Minute का समय लगेगा ,यही कार्य कैलकुलेटर से करने पर लगभग 1 या 2 Second का समय लगेगा पर कंप्यूटर ऐसी लाखों गणनाओ को कुछ ही सेकंड में कर सकता हैं|

Accuracy (शुद्धता)

Computer अपना सारा कार्य बिना किसी गलती के करता है यदि आपको 10 अलग-अलग संख्याओ का गुणा करने के लिए कहा जाए तो आप इसमें कई बार गलती करेगे |

लेकिन साधारणत: Computer किसी भी Process को बिना किसी गलती के पूर्ण कर सकता है Computer द्वारा गलती किये जाने का सबसे बड़ा कारण गलत Data Input करना होता है क्योकि Computer स्वयं कभी कोई गलती नहीं करता हैं|

Automation (स्वचालन)

हम अपने दैनिक जीवन में कई प्रकार की स्वचलित मशीनों का Use करते है Computer भी अपना पूरा कार्य स्वचलित (Automatic) तरीके से करता है कंप्यूटर अपना कार्य, प्रोग्राम के एक बार लोड हो जाने पर स्वत: करता रहता हैं|

Versatility (सार्वभौमिकता)

Computer अपनी सार्वभौमिकता के कारण बढ़ी तेजी से सारी दुनिया में अपना प्रभुत्व जमा रहा है Computer गणितीय कार्यों को करने के साथ साथ व्यावसायिक कार्यों के लिए भी प्रयोग में लाया जाने लगा है|

Computer का प्रयोग हर क्षेत्र में होने लगा है| जैसे- Bank, Railway, Airport, Business, School etc.

Reliability (विश्वसनीयता)

Computer की Memory अधिक शक्तिशाली होती है Computer से जुडी हुई संपूर्ण प्रक्रिया विश्वसनीय होती है यह वर्षों तक कार्य करते हुए थकता नहीं है तथा Store Memory वर्षों बाद भी Accurate रहती हैं|

Diligence (कर्मठता)

आज मानव किसी कार्य को निरंतर कुछ ही घंटो तक करने में थक जाता है इसके ठीक विपरीत Computer किसी कार्य को निरंतर कई घंटो, दिनों, महीनो तक करने की क्षमता रखता है

इसके बावजूद उसके कार्य करने की क्षमता में न तो कोई कमी आती है और न ही कार्य के परिणाम की शुद्धता घटती हैं| Computer किसी भी दिए गए कार्य को बिना किसी भेदभाव के करता है चाहे वह कार्य रुचिकर हो या न हो |

High Storage Capacity (उच्च संग्रहण क्षमता)

एक Computer System में Data Store करने की क्षमता बहुत अधिक होती है Computer लाखो शब्दों को बहुत कम जगह में Store करके रख सकता है

यह सभी प्रकार के Data, Picture, Files, Program, Games and Sound को कई बर्षो तक Store करके रख सकता है तथा बाद में हम कभी भी किसी भी सूचना को कुछ ही Second में प्राप्त कर सकते है तथा अपने Use में ला सकते है|

Power of Remembrance (याद रखने की क्षमता)

व्यक्ति अपने जीवन में बहुत सारी बाते करता है लेकिन महत्वपूर्ण बातों को ही याद रखता है लेकिन Computer सभी बाते चाहे वह महत्वपूर्ण हो या ना हो सभी को Memory के अंदर Store करके रखता है तथा बाद में किसी भी सूचना की आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध कराता हैं|

कंप्यूटर का उपयोग

कंप्यूटर का उपयोग कहाँ कहाँ होता है? देखा जाये तो कंप्यूटर का इस्तमाल हम अपने जीवन में हर जगह करते आ रहे हैं और करते रहेंगे. ये हमारा एक अंग सा बन गया है.

मैंने इसके कुछ इस्तमाल को आपकी जानकारी के लिए निचे लिखी हुई हैं.

शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग: शिक्षा में इनका सबसे बड़ा हाथ है, अगर कोई स्टूडेंट को किसी चीज़ के बारे में जानकारी चाहिए तब उसे कुछ मिनटों में ही ये जानकारी उपलब्ध हो जाती है

इसकी मदद से. Research से पता चला है की कंप्यूटर की मदद से किसी भी student की learning performance में काफी बढ़ोत्तरी हुई है. आजकल को घर बैठे ही Online Classes की मदद से पढाई की जा सकती है.

विज्ञान के छेत्र में कंप्यूटर का उपयोग: ये तो Science की ही देन है. इससे research में बहुत ही आसानी होती है. आजकल एक नया ट्रेंड चल रहा है जिसे Collaboratory भी कहा जाता है जिससे दुनिया के सारे scientist एक साथ मिलकर काम कर सकते हैं, इससे कुछ फरक नहीं पड़ता है की आप कोन से देश में मह्जूद हो.

Health and Medicine: ये Health और मेडिसिन के लिए एक वरदान है. इसकी मदद से आजकल मरीजों का इलाज बहुत ही आसानी से हो जाता है. आजकल सभी चीज़े digital हो गयी है जिससे बड़ी आसानी से रोग के बारे में पता चल जाता है और उस हिसाब से उसका इलाज भी possible है. इससे operation भी आसान बन गए हैं.

Defence: सेना में भी इनका इस्तमाल काफी हद तक बढ़ गया है. जिसकी मदद से अब हमारी सेना और ज्यादा सशक्त बन गयी है. क्यूंकि आजकल सभी चीज़ों को कंप्यूटर की मदद से control किया जाता है.

Business: Business में इसका बहुत बड़ा हाथ है productivity और competitiveness को बढ़ने के लिए. इसका इस्तमाल मुख्य तोर से Marketing, Retailing, Banking, Stock Trading में होता है. यहाँ सभी चीज़ें digital होने के कारण इसकी processing बड़ी ही फ़ास्ट हो गयी है. और आजकल Cashless Transaction पे ज्यादा importance दिया जा रहा है.

Recreation and Entertainment: Entertainment के लिए ये एक नया अड्डा बन गया है, किसी भी चीज़ों के बारे में आप बात करो जैसे Movies, Sports या resturants कहीं की भी बात करो इनकी इस्तमाल सभी जगह है.

Government: आजकल तो Government भी इनकी इस्तमाल के ऊपर ज्यादा focus दे रही है. यदि हम बात करें Traffic, Tourism, Information & Broadcasting, Education, Aviation सभी जगह में इनके इस्तमाल से हमारा काम बहुत हो आसन हो गया है.

भविष्य का कंप्यूटर कैसा होगा?

क्या आप जानना चाहते हो कि भविष्य का हमारा कंप्यूटर कैसे होगा तो चलिए हम जानते हैं, आज से बहुत साल पहले हमारे कंप्यूटर का निर्माण हुआ था जिसका  श्रेय चार्ल्स बैबेज को माना जाता है,

आप जानते ही होंगे कि पहले वैक्यूम ट्यूब बेस्ट कंप्यूटर था धीरे-धीरे इस टेक्नोलॉजी में बदलाव आने लगा और फिर ट्रांजिस्टर बेस्ट कंप्यूटर का निर्माण हुआ और इसके बाद इंटर ग्रेट सर्किट चलन में आए और फिर

माइक्रोप्रोसेसर का निर्माण हुआ इस प्रकार धीरे-धीरे टेक्नोलॉजी में बदलाव आने लगा और आज जो हम कंप्यूटर चला रहे है वे एडवांस बेस्ट टेक्नोलॉजी है.

अब हम बात करने वाले है कि भविष्य में हमारा कंप्यूटर कैसा होगा कुछ बड़ी-बड़ी कंपनियां इस पर काम कर रही है आने वाले समय में लगता है हमारा मॉनिटर चेंज होकर ट्रांसपेरेंट स्क्रीन में बदल जाएगा और

जैसे चलन में स्मार्ट वॉच है लगता है कि आने वाले समय में हमारी वॉच ही हमारा कंप्यूटर बन जाए  और लगता है टेक्नोलॉजी के एडवांस टाइम में हमारी उंगली की अंगूठी ही हमारा स्मार्ट बेस कंप्यूटर में बदल जाएगा.

जैसा कि आपने ऐसी  sci fi movie में देखा होगा कुछ ऐसा ही हमारे भविष्य में हमारा कंप्यूटर होगा.

सरल शब्दों में सारांश (Summary Words)

  • कम्प्यूटर एक इलेक्ट्रानिक डिवाइस होता हैं।
  • कम्प्यूटर यूजर के द्वारा इनपुट किये गए डाटा को प्रोसेस करके परिणाम को आउटपुट के रूप में प्रदान करता हैं।
  • सॉफ्टवेयर निर्देशों का एक सेट होता हैं जो हार्डवेयर को बताता हैं कि क्या करना हैं और कैसे करना हैं।
  • कम्प्यूटर शब्द की उत्पत्ति अंग्रेजी के “Compute” शब्द से हुई हैं।

Conclusion

मुझे उम्मीद है कि आपको ऊपर दी गई जानकारी बहुत अच्छे से समझ में आ गई होगी आज हमने इस पोस्ट में बताने की कोशिश की की है,

कंप्यूटर के परिचयके बारे में और कंप्यूटर क्या है, कंप्यूटर की फुल फॉर्म क्या है , कंप्यूटर के जनक कौन है और कंप्यूटर की जेनरेशन क्या-क्या है, कंप्यूटर के मूलभूत भाग कौन से हैं , सॉफ्टवेयर क्या है, सॉफ्टवेयर कितने प्रकार के होते हैं और उस के कुछ उदाहरण.

हार्डवेयर क्या है , हार्डवेयर कितने प्रकार के होते हैं , आउटपुट डिवाइस क्या है और उसके कुछ उदाहरण और इनपुट डिवाइस क्या है और उसके उदाहरण के  क्या-क्या है.

computer ki a to z jaankari hindi me

और आज हमने इस पोस्ट में सीखा है कि विभिन्न प्रकार के कंप्यूटर कौन से है और अन्य प्रकार के कंप्यूटरों के बारे में बताया गया हैऔर कंप्यूटर की विशेषताओं के बारे में बताया गया है कंप्यूटर के क्या-क्या उपयोग है और किस किस क्षेत्र में इसका प्रयोग किया जाता है

और हमारा भविष्य का कंप्यूटर कैसा होगा इन सारे  टॉपिक पर बात की गई है. मुझे विश्वास है कि आप को सारे टॉपिक बहुत ही आसानी से समझ आ गए होंगे

अगर आपको किसी भी टॉपिक को समझने में परेशानी आ रही हो तो कृपया करके आप उसे दोबारा पढ़ सकते हैं और उस टॉपिक को बहुत आसानी से समझ सकते हो.

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